दान करते समय इन बातों का रखें ख्याल
रांची के ज्योतिष आचार्य संतोष कुमार चौबे (रांची यूनिवर्सिटी से ज्योतिष शास्त्र में गोल्ड मेडलिस्ट) ने लोकल 18 को कहा कि यह तीनों ही रेट कुंडली के अशुभ रेट में से माना जाता है। क्योंकि छठा रेट बीमारी का है, तो 12 वां रेट हॉस्पिटल का है, तो आठवां अचानक से आने वाली आपदा का है।

इन चीजों का करें दान
ऐसे में यदि आप इन तीनों से रिलेटेड, जो ग्रह बैठे हुए हैं। उनके मुताबिक दान करते हैं, तो यह ग्रह आपको उतना हानि नहीं पहुंचा पाएंगे। आप ऐसे समझ लीजिए कि आपका छठे रेट में जो बीमारी रेट है। उसमें बैठे हुए हैं गुरु, तो आपको गुरु को और कमजोर करना है। क्योंकि गुरु मजबूत करेंगे, तो बीमारी रेट को और एक्टिवेट कर देंगे। ऐसे में उनसे संबंधित चीज जैसे पीला चना, गुड़ या पीली वस्तु, कॉपी बुक, पेन यह सारी चीज यदि आप दान करते हैं, तो वह करें कमजोर होते हैं और उतना परेशान नहीं करेंगे।
इस ढंग से यदि मान लीजिए अष्टम रेट में यानी आठवें रेट में बुध या फिर सूर्य बैठे हैं, तो फिर आप अपनी बुद्धि से दूसरों की सहायता कर सकते हैं। फ्री में कंसल्टेंसी, सेमिनार, वर्कशॉप इस तरह की चीज कीजिए। आप इन तीनों रेट से रिलेटेड जो भी गृह बैठे हैं उस चीज का दान दीजिए। इससे यह तीनों ही निर्बल होंगे और आपको इन तीनों अशुभ घरों का असर कम देखने को मिलेगा।
इन चीजों का दान भूलकर भी ना करें
व्यक्ति को खासतौर पर अपने लग्नेश, पंचम और भाग्य जगह से रिलेटेड ग्रह का दान नहीं देना चाहिए। क्योंकि, लग्नेश आपकी पूरी पर्सनालिटी आपके पूरे बॉडी का होता है। यदि आप उससे संबंधित दान देंगे, यानी आप अपने शरीर को ही खोखला कर रहे हैं। आप अपने लगन को ही दान में दे रहे हैं।व हीं, पंचम रेट संतान और शिक्षा का होता है।
तो ऐसे में आप अपनी शिक्षा को दान में नहीं दे सकते और भाग्य का भी दान नहीं देना चाहिए। मान लीजिए भाग्य जगह में यदि शनि देव बैठे हैं, तो लोहा, सरसों ऑयल यह सारी चीजों का दान ना दें। वहीं, लग्नेश में यदि चंद्र बैठे हुए हैं, तो दूध दही इन सब चीजों का दान ना दें। इस ढंग से दान देते समय भी कुछ बातों का ध्यान रखना महत्वपूर्ण होता है। ज्योतिष आचार्य से परामर्श के लिए इस नंबर पर 6200403916 संपर्क करें।

