लाइफ स्टाइल

तीज व्रत इस चीज के बिना रहता है अधूरा

जालोर: सावन का महीना, तीज का त्योहार और घर-घर में महकता सत्तू…राजस्थान में तीज का व्रत सत्तू के बिना अधूरा माना जाता है इस दिन सुहागिन महिलाएं पूरे दिन निर्जला व्रत रखकर तीज माता की पूजा करती हैं और सत्तू का भोग लगाकर ही अपना व्रत खोलती हैं

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धार्मिक परंपरा के अनुसार, तीज के व्रत में एक खास मिठाई का महत्व सबसे अधिक है भुने चने, देसी शक्कर, घी और सूखे मेवों से बनने वाली यह मिठाई व्रत खोलने से पहले तीज माता को अर्पित की जाती है मान्यता है कि इस प्रसाद को श्रद्धा से चढ़ाने पर वैवाहिक जीवन में सुख-समृद्धि आती है और दांपत्य बंधन मजबूत होता है यही वजह है कि पीढ़ियों से यह परंपरा आज भी उतनी ही श्रद्धा के साथ निभाई जा रही है

ग्रहणी संतोष ने कहा कि उद्यापन के समय भी इस मिठाई का विशेष महत्व होता है व्रत पूरा करने के बाद सुहागिन महिलाएं इसे पूजा सामग्री के साथ अन्य सुहागिनों में बांटती हैं माना जाता है कि इस प्रसाद का वितरण करने से व्रत का पुण्य फल कई गुना बढ़ जाता है

नोट करें रेसिपी
सबसे पहले भुने हुए चनों को बारीक पीसकर आटा जैसा बना लें. इसमें देसी शक्कर मिलाएं और फिर पिघला हुआ देसी घी डालें अच्छे से मिलाकर इसमें बारीक कटे काजू, बादाम और इलायची पाउडर डालें सभी सामग्री को अच्छे से गूंथ लें अब इसे थाली में फैलाकर सेट होने दें और मनचाहे आकार में काट लें कुछ जगहों पर इसे पान या बेलपत्र में भरकर भी अर्पित किया जाता है, जो देखने में सुंदर और खाने में लाजवाब लगता है

 

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