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पितृपक्ष खत्म होते ही बढ़ेंगी इन 3 राशियों की मुश्किलें

इस वर्ष पितृपक्ष का समाप्ति बुधवार 2 अक्टूबर, 2024 को हो रहा है. ग्रहों के गोचर से उसी दिन सूर्य-केतु की पूर्ण युति होने से ‘ग्रहण योग’ बन रहा है और वर्ष का अंतिम सूर्य ग्रहण भी लगने जा रहा है. इस दिन पितृपक्ष का समाप्तिसिर्फ़ ग्रहण के साथ हो रहा है, बल्कि इसी दिन सूर्य और शनि का षडाष्टक योग भी बन रहा है. सूर्य ग्रहण के समय शनि और सूर्य की एक दूसरे पर आठवीं दृष्टि होगी, जिसे ज्योतिषीय दृष्टि से अच्छा नहीं बताया जा रहा है.

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ज्योतिषियों के मुताबिक़, इन अशुभ योगों के निर्माण होने से पितृपक्ष खत्म होते ही 3 राशियों के जातकों को कम-से-कम 30 दिन यानी एक महीने तक बहुत संभल कर रहना होगा. आइए जानते हैं, ये 3 राशियां कौन-सी हैं और इन राशियों के जातकों के जीवन पर क्या-क्या नकारात्मक असर होने की संभावना है?

सूर्य ग्रहण का राशियों पर असर

मेष राशि

सूर्य ग्रहण और सूर्य-शनि के षडाष्टक योग के अशुभ असर से मेष राशि के जातक चिंतित और अधीर रह सकते हैं. गुस्सा और आवेश में आने की आसार बढ़ सकती है. आय में कमी आने से आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ सकता है. जॉब में बाधाएं आ सकती हैं. कलीग के साथ मतभेद हो सकते हैं. व्यापार में हानि होने की आसार है. व्यवसायी यात्राएं असफल रह सकती हैं. उद्योग-धंधों में रुकावटें आने की संभावना है. स्टूडेंट जातकों को परीक्षाओं में असफलता मिल सकती है. परिवार में कलह हो सकती है. मैरिड लाइफ में तनाव बढ़ सकता है.

सिंह राशि

सूर्य ग्रहण और सूर्य-शनि के षडाष्टक योग के अशुभ असर से सिंह राशि के जातकों में चिंता और उदासी बढ़ सकती है. मानसिक तनाव बढ़ सकता है. फिजूलखर्ची बढ़ने से धन संकट का सामना करना पड़ सकता है. नौकरीपेशा जातक जॉब में बाधाएं आने से तनाव में रहेंगे. व्यापार में प्रतिस्पर्धियों से मुकाबला करना कठिन हो सकता है. ऋण बढ़ सकता है. लेनदेन में मुश्किलें आ सकती हैं. खुदरा व्यापार में हानि बढ़ने के योग बन रहे हैं. परिवार के सदस्यों के स्वास्थ्य को लेकर चिंता हो सकती है. प्रेम संबंधों में खटास आ सकती है. स्वास्थ्य खराब रह सकता है. पाचन संबंधी समस्याएं परेशान कर सकती हैं.

मकर राशि

सूर्य-शनि के षडाष्टक योग से मकर राशि के जातक अकेलापन महसूस कर सकते हैं. आमदनी में गिरावट आने से चिंतित रह सकते हैं. बढ़ते धन संकट से जीवन के रहन-सहन के स्तर पर बुरा असर पड़ेगा. नौकरीपेशा जातकों का ऑफिसरों से टकराव संभव है. आप जॉब से निकाले जा सकते हैं. कारोबार में पार्टनरशिप में समस्याएं आ सकती हैं. उद्योग-धंधों में रुकावटें आ सकती हैं. खुदरा व्यापार में घाटा हो सकता है. परिवार में कलह हो सकती है. वैवाहिक जीवन में परेशानियां बढ़ेंगी. पारिवारिक जीवन में माता-पिता के स्वास्थ्य को लेकर चिंता हो सकती है. जोड़ों में दर्द और कमर दर्द की परेशानी हो सकती है

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