वजन कम करने के साथ डायबिटीज कंट्रोल करती हैं ये चूर्ण
त्रिफला चूर्ण को आयुर्वेद में महाऔषधि बोला जाता है। यह स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभ वाला है। त्रिफला को हजारों वर्ष से आयुर्वेद में जड़ी बूटी के रूप में इस्तेमाल किया जाता रहा है। यह पेट की रोंगों में बहुत कारगर है। त्रिफला चूर्ण वजन को कम कर सकता है और डायबिटीज को कंट्रोल कर सकता है। इस औषधि में सैकड़ो गुण है, जिसके चलते इसे महा औषधि कहा गया है। आपको बता दें कि त्रिफला में एंटी इंफ्लामेट्री और एंटी बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं जो शरीर को कई समस्याओं से बचाने में मददगार है।
आयुर्वेदिक डॉक्टर चिकित्सक राघवेंद्र चौधरी ने कहा कि त्रिफला को महाऔषधि का नाम इसलिए दिया गया है, क्योंकि यह तीन फलों से मिलकर बनता है। हरड़, बहेड़ा, आंवला को मिलाकर इसे बनाया गया है। इसे आप अपने घर पर लाकर भी तैयार कर सकते हैं। आप हरड़, बहेड़ा, आंवला को बराबर बराबर मात्रा में बारीक पीस लें | उसका पाउडर बना लें और खाने के बाद सुबह-शाम इसका इस्तेमाल प्रारम्भ करें, जिससे आपका पेट पूरी तरह स्वस्थ रहेगा। वजन कम होने लगेगा और डायबिटीज पूरी तरह कंट्रोल हो जाएगी।
त्रिफला के फायदे
⦁ यह पाचन को सुधारने में सहायता करता है और अपच जैसी समस्याओं को कम कर सकता हैं।
⦁ त्रिफला विषाणुओं के विरुद्ध लड़ता है और संक्रमणों को रोकता है।
⦁ यह सांस की समस्याओं को कम करने में सहायता करता है जैसे— खांसी और जुकाम।
⦁ मानसिक स्वास्थ्य को सुधारने में सहायता कर सकता है और स्ट्रेस कम करने में सहायता कर सकता है।
⦁ इम्यून सिस्टम को मजबूती प्रदान करके वायरस और संक्रमण के विरुद्ध रक्षा करता हैं।
⦁ यह दिल सम्बंधित समस्याओं की संरक्षा कर सकता है।
⦁ त्रिफला वजन कम करने में सहायता कर सकता है, क्योंकि यह मेटाबॉलिज्म को बढ़ावा देता है।
⦁ त्रिफला चूर्ण के सेवन से ब्लड शुगर कंट्रोल होता है। डायबिटीज के रोगियों के लिए यह लाभ वाला है। यदि आप भी डायबिटीज के रोगी हैं तो इसका सेवन कर सकते हैं।
इस तरह करें इसका इस्तेमाल
हरड़, बहेड़ा, आंवला को 100 ग्राम मात्रा में बाजार से खरीद लें। इसके बाद इसका मिश्रण बारीक कर पीसकर एक कांच के डब्बे में रख ले। खाना खाने के बाद इसका इस्तेमाल करना प्रारम्भ करें, मात्र एक सप्ताह में ही शरीर पर इसके लाभ वाला असर दिखने लगेगा

