Third world war: तृतीय विश्व युद्ध से निपटने के लिए जरूर जान लें ये जरूरी बातें
World War 3: तीसरे विश्व युद्ध की अवधारणा दशकों से गहन अटकलों और बहस का विषय रही है. जब से रूस और यूक्रेन, इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष बढ़ा है तब से दुनिया में डर का माहौल है. दूसरी चीन ने ताइवान को अल्टीमेटम दे दिया है. तीसरी ओर पाक के कारण हिंदुस्तान अब परेशान हो चुका है. चौथी ओर उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया के बीच भी तनाव चरम पर है. इन सभी के चलते अटकलें और भी अधिक बढ़ गई है कि अब निकट भविष्य में तीसरा विश्व युद्ध हो सकता है. यदि वर्ल्ड वार हुआ तो आप जनता को क्या करना चाहिए?

लोगों का मत : दिसंबर 2022 इंटरनेशनल फर्म Ipsos की ओर से कराए गए एक सर्वे में शामिल 34 राष्ट्रों के ज्यादातर लोगों ने माना कि जल्द ही तीसरा विश्व युद्ध हो सकता है. हिंदुस्तान भी इस सर्वे का हिस्सा था, यहां करीब 79 फीसदी लोगों ने युद्ध की संभावना जताई.
सुरक्षित देश: बताया जाता है कि यदि तीसरा विश्व युद्ध हुआ तो कुछ ही राष्ट्र इससे सुरक्षित रह पाएंगे और उनमें से प्रमुख हैं- भूटान, अंटार्कटिका, फिजी, आइसलैंड, ग्रीनलैंड, न्यूजीलैंड, आयरलैंड, स्विट्जरलैंड, इंडोनेशिया और तुवालू.
क्या हो सकता है असुरक्षित राष्ट्रों में: जैसा कि हमने देखा है कि यूक्रेन, फिलिस्तीन और लेबनान में मिसाइलों ने किस तरह की तबाही मचाई है. युद्ध में शहरी, औद्योगिक और सैन्य क्षेत्र निशाने पर रहते हैं. फिलिस्तीन और गाजा के अधिकांश शहर खंडहर में बदल चुके हैं. लाखों लोगों ने पलायन करके दूसरे राष्ट्रों में शरण ले रखी है. हालांकि जिन परिवारों का उनके ही राष्ट्र में सुरक्षित ठिकाना था वे सभी वहां शिफ्ट हो गए हैं. शहरों में जल और खाद्य संकट है.
1. पहली खास बात: दुनिया के वे सभी क्षेत्र युद्ध से सुरक्षित रहते हैं जो कि ठेठ ग्रामीण या जंगली क्षेत्र हैं. इंटिरियर इलाकों में युद्ध की आग नहीं पहुंचती है. यदि आप घनी शहरी जनसंख्या में रहते हैं तो आपको भी सुरक्षित ठिकाने ढूंढना होंगे. यदि आप समाज और गवर्नमेंट का योगदान कर सकते हैं तो पहले अपने परिवार को सुरक्षित स्थान पर रखें. उन इलाकों में अन्न जल का उतना संकट नहीं रहता है.
2. दूसरी खास बात: भीड़ भरे और असुरक्षित क्षेत्र से दूर रहें और गवर्नमेंट द्वारा समय समय पर जारी की जा रही गाइडलाइन्स को फॉलो करें. घबराएं नहीं और किसी भगदड़ में शामिल न होकर शांति एवं समझदारी से काम लेना चाहिए. किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधियों और लूटपाट से दूर रहें. वे लोग जो संकटकाल में गवर्नमेंट का साथ न देकर अपने ही स्वार्थ में लगे रहते हैं वे सभी अपने राष्ट्र के लिए और भी अधिक संकट खड़ा कर देते हैं. किसी भी प्रकार की अफवाह नहीं फैलाना चाहिए और किसी अफवाह के झांसे नहीं आना चाहिए. स्वविवेक का इस्तेमाल करें.
3. तीसरी खास बात: आपको अपने घर के महत्वपूर्ण कागजात, गोल्ड और कैश को सुरक्षित ढंग से रखना चाहिए. हो सके तो इन्हें कहीं सुरक्षित जगह पर रखें. यदि गांव में आपका या आपके निकट सम्बन्धी का कोई घर है जिन पर आप विश्वास करते हैं तो वहां इन्हें रख सकते हैं. ध्यान रहे कि जहां पर भी युद्ध का खतरा अधिक रहता है वहां पर कैश का प्रचलन बढ़ जाता है, क्योंकि युद्ध के कारण औनलाइन प्रबंध ध्वस्त होने की आसार रहती है. दुनिया फिर से मध्ययुगीन प्रबंध पर पहुंच जाती है.
4. चौथी खास बात: यदि आप सक्षम हैं तो अपने फार्म हाउस को अपना सुरक्षित ठिकाना बनाएं. कोविड-19 काल के बाद अब लोगों की यह सोच बनती जा रही है कि जमीन का सुरक्षित घर और फार्म हाउस होना चाहिए जो कि शहर से इतनी दूर हो कि वहां पर सरलता से आया जा सके. फॉर्म हाउस पर आप जिंदा रहने के सभी महत्वपूर्ण सामान जुटाकर रखें. जैसे लालटेन, सिगड़ी, मल्टीपल पेचकस, चकमक पत्थर, फोल्डिंग डंडा, घट्टी, सिलबट्टा और खल बत्ता, डायरेक्शन बताने वाला कंपास, सूखी खाद्य सामग्री, बैटरी या सेल वाला रेडियो, केटली और सुराही, मिक्सर, किचन का महत्वपूर्ण सामान आदि. इसी के साथ ही सोलर सिस्टम लगाकर रखें.
5. पांचवीं खास बात: अपने बच्चों को ठीक शिक्षा देकर युद्ध से सुरक्षित रहने के ढंग बताना चाहिए. बच्चों में किसी भी प्रकार का डर न बैठाएं बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाना सिखाएं. बिल्कुल से छोटे बच्चे तो आप पर ही निर्भर रहते हैं तो उनकी प्रबंध पहले करें.

