यह आम का पौधा साल में दो बार देता है फल
रायपुर : फलों के राजा आम की कई किस्में देशभर में पाई जाती हैं, लेकिन इनमें से आम्रपाली प्रजाति को विशेष और लाभदायक माना जाता है। रायपुर के बागवानी जानकार राजेश ध्रुव बताते हैं कि यह प्रजाति अपनी खासियतों के कारण किसानों और घर के बाड़ी में पौधे लगाने वालों दोनों के बीच लोकप्रिय होती जा रही है। इसकी सबसे बड़ी खासियत है कि आम्रपाली का पौधा वर्ष में दो बार फल देने की क्षमता रखता है। यही वजह है कि इसे आम की बेहतरीन किस्मों में गिना जाता है।

जमीन पर लगाना अधिक फायदेमंद
एक्सपर्ट राजेश ध्रुव के अनुसार, आम्रपाली पौधे को गमले में नहीं बल्कि जमीन पर लगाना अधिक लाभ वाला होता है। यह पेड़ आकार में लगभग 10 से 12 फीट की ऊंचाई तक बढ़ता है, इसलिए घर के बाड़ी या खेतों में इसे सरलता से लगाया जा सकता है। मिट्टी का चयन करते समय यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि मुरुम वाली मिट्टी का इस्तेमाल न हो। यह पौधा काली मिट्टी और भूरी मिट्टी में अच्छी तरह बढ़ता है और लंबे समय तक बेहतर उत्पादन देता है।
बॉनमील और सुपर फॉस्फोट जैसी खादें डालना लाभकारी
विशेषज्ञ राजेश ध्रुव बताते हैं कि आम्रपाली आम के पौधे को लगाने के लिए खाद और दवाओं का ठीक इस्तेमाल जरूरी है। आरंभ में गड्ढे में गोबर खाद डालना चाहिए और 15 दिन बाद इसमें सरसों खली, नीम खली, बॉनमील और सुपर फॉस्फोट जैसी खादें डालना फायदेमंद होता है। साथ ही पौधे पर हर 15 दिन में सोनाटा, धावा और एकतारा नामक लिक्विड दवाओं का स्प्रे करना चाहिए, ताकि पौधे की ग्रोथ अच्छी हो और कीटों का असर न पड़े। पौधा लगाने के लिए 1 से 1.5 फीट गहरा और 2×2 फीट चौड़ा गड्ढा तैयार करना चाहिए, जिससे पौधे को ठीक पोषण और स्थान मिल सके।
विशेषज्ञ राजेश ध्रुव बताते हैं कि आम्रपाली आम का पौधा गर्मी में बढ़ने वाला पौधा है, लेकिन इसे लगाने का सबसे अच्छा समय बरसात का मौसम माना जाता है। वहीं ठंड के मौसम में इसे पानी देने की अधिक आवश्यकता नहीं होती। इस पौधे का फल भले ही तीन वर्ष बाद मिलना प्रारम्भ होता है, लेकिन उसका स्वाद बहुत रसीला और लाजवाब होता है। आरंभ के दो वर्षों में जो फूल पौधे पर आते हैं, उन्हें तोड़ देना चाहिए, ताकि पौधे की ग्रोथ मजबूत हो और तीसरे वर्ष से अच्छे फल मिल सकें।
एक पेड़ से एक बोरी तक आम्रपाली आम प्राप्त किया जा सकता है। यही कारण है कि इस प्रजाति को घर के बाड़ी में लगाने की राय दी जाती है। जानकारों का मानना है कि यदि पौधे की ठीक देखभाल की जाए तो यह लंबे समय तक लगातार फल देता है और बागवानी करने वालों के लिए फायदेमंद साबित होता है।

