मॉडर्न टेक्निक का सहारा लेकर ताबड़तोड़ कमाई कर रहा है ये शख्स, जानें विस्तार में…
पढ़ाई-लिखाई कभी बेकार नहीं जाती, एक न एक दिन इसका इस्तेमाल व्यावसायिक जीवन में जरूर होता है। यही बात सुल्तानपुर के युवा किसान अंकित वर्मा की कहानी पर परफेक्ट बैठती है। बीएससी एग्रीकल्चर की पढ़ाई पूरी करने के बाद अंकित अब लगभग 12 बिस्वा खेत में टमाटर की खेती कर रहे हैं और वैज्ञानिक उपायों को अपनाकर अच्छा फायदा कमा रहे हैं। पारंपरिक उपायों की तुलना में इनके ढंग आधुनिक हैं और बढ़िया पैदावार देते हैं।

इस विधि से कर रहे हैं खेती
अंकित वर्मा ने कहा कि वह टमाटर की खेती में आईपीएम (इंटीग्रेटेड पेस्ट मैनेजमेंट) विधि का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे कीटों का नियंत्रण जैविक उपायों से हो सके। इस विधि से वे मात्र तीन महीने में लगभग 100 कुंतल टमाटर तैयार कर लेते हैं। उन्होंने 12 बिस्वा खेत में करीब 3000 टमाटर के पौधे लगाए हैं, जिससे उन्हें अच्छा फायदा मिल रहा है।
पहले पूरी की पढ़ाई फिर प्रारम्भ की खेती
बीएससी की पढ़ाई पूरी करने के बाद अंकित ने अपने पारिवारिक व्यवसाय को संभाला और सब्जी की खेती करने लगे। अब वे पिछले तीन सालों से लगातार सब्जियों की खेती कर रहे हैं और परिवार का भी पूरा योगदान मिल रहा है। हालांकि उन्होंने कोई जल्दबाजी नहीं दिखायी और इस संबंध में अपनी पढ़ाई पूरी करके ज्ञान इकट्ठा किया फिर खेती प्रारम्भ की।
लागत से कई गुना मुनाफा
अंकित ने कहा कि 12 बिस्वा में टमाटर की खेती करने में उन्हें लगभग ₹20,000 की लागत आई, लेकिन इस लागत के मुकाबले उन्हें पांच गुना तक फायदा हो रहा है। कीटों से बचाव के लिए उन्होंने येलो स्टिकी ट्रैप का इस्तेमाल किया है, जबकि खरपतवार नियंत्रण के लिए मल्चिंग पेपर लगाया है। उन्होंने रामधारी प्रजाति के टमाटर उगाए हैं, जिससे उनकी उपज और फायदा दोनों बेहतर हो रहे हैं। इस तरह से वे आधुनिक ढंग अपनाकर न सिर्फ़ खेती करते हैं बल्कि कीटों का नियंत्रण और ठीक प्रजाति का चुनाव भी करते हैं।

