रामबाण है ये बीज, गंजापन करेगा दूर, ऐसे करना होगा इस्तेमाल
बागपत। आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति में कई रोंगों का उपचार घरेलू सामग्री से किया जा सकता है। विशेष तौर पर बालों को झड़ने से रोकना, पीले और खराब दांतों का परेशानी तथा आंखों में होने वाले सामान्य बीमारी घरेलू इलाज से भी ठीक हो सकते हैं। इनके लिए कुछ खास बीजों का इस्तेमाल करना पड़ता है। ऐसा ही एक बीज है, करंज का बीज।

आयुर्वेदिक डॉक्टर बताते हैं कि ये बीज एक ऐसी औषधि है, जो आंख और दांत दांतों की रोग और गंजेपन को तेज़ी से ठीक करने का काम करता है। इतना हीं नहीं इस बीज से घाव और पेट की परेशानी दुरुस्त हो जाती है। इसका इस्तेमाल भी सरलता से किया जा सकता है। करंज का पौधा ऐसा औषधीय पौधा है। जिसके तने, जड़, फूल और छाल सभी को प्रयोग में लिया जा सकता है।
औषधीय गुणों से भरपूर है करंज
आयुर्वेदिक डॉक्टर डाक्टर सुनीता सोनल धामा ने मीडिया को कहा कि करंज का पौधा औषधीय गुणों से भरा है। इसके बीज का इस्तेमाल अक्सर लोग रोंगों के इलाज के लिए करते हैं। इसका फूल, बीज, जड़ और तना सभी कई रोंगों के इलाज में लाए जाते हैं। यदि आयुर्वेदिक डॉक्टरों की राय से इनका इस्तेमाल किया जाए तो घर बैठे लोग अपना इलाज कर सकते हैं।
गंजेपन की की परेशानी को समाप्त करता है
आयुर्वेदिक डॉक्टर डाक्टर सुनीता सोनल धामा ने मीडिया को कहा कि करंज के बीज के इस्तेमाल से गंजेपन की परेशानी को ठीक किया जाता है। आंखों और दांतों के रोगों में इसका तेजी से फायदा मिलता है। वहीं इसके फूलों से स्किन संबंधित समस्याओं को तेजी से ठीक करने में कार्य किया जाता है।
पेट की रोंगों भी कारगर
डॉ। धामा ने कहा कि इसकी जड़ का इस्तेमाल पेट की रोंगों में भी किया जाता है। इसके बीज सरलता से कहीं भी मिल जाते हैं और इन बीजों को बारीक पीस कर दूध और पानी के साथ इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके इस्तेमाल से शरीर पर चौंकाने वाले लाभ होते हैं। इसके इस्तेमाल के चंद दिनों में ही यह रोंगों को तेजी से ठीक करने का कार्य करता है।
ऐसे करें इस्तेमाल
आयुर्वेदिक डॉक्टर धामा ने मीडिया को कहा कि इसके बीज को बारीक पीस कर इस्तेमाल में ला सकते हैं। इसके फूलों को बाहरी रूप से इस्तेमाल किया जाता है। वहीं इसकी जड़ को पानी में उबालकर या बारीक चूर्ण बनाकर आप इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे गंजापन, आंखों की सभी समस्याएं, दांतों के बीमारी और घाव तथा कुष्ठ बीमारी और पेट की समस्याओं पर तेजी ठीक हो जाती हैं।

