यूपीएससी इंटरव्यू को लेकर फैलाई जाती है इस प्रकार की गलतफहमियां
यदि आपका लक्ष्य आईएएस या आईपीएस अधिकारी बनने की है, तो आपको यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा (सीएसई) में शामिल होना होगा। जिसमे तीन चरण होते हैं। प्रारंभिक, मुख्य और इंटरव्यू।

आज हम यूपीएससी सीएसई परीक्षा के अंतिम चरण के बारे में बात करेंगे, जिसे साक्षात्कार यानी पर्सनालिटी टेस्ट भी बोला जाता है। हाल ही में यूपीएससी ने मुख्य परीक्षा का परिणाम जारी किया है। जो उम्मीदवार परीक्षा में सफल हुए हैं, उन्हें साक्षात्कार में बुलाया जाएगा। बता दें, यूपीएससी साक्षात्कार को लेकर कई प्रकार की गलतफहमियां फैलाई जाती है। आज हम उसी के बारे में चर्चा करेंगे।
पहली गलतफहमी: IAS, आईपीएस या IFS बनने के लिए सिर्फ़ यूपीएससी साक्षात्कार के मार्क्स ही देखें जाते हैं।
– ये असत्य है। ऐसा एकदम भी नहीं है। यूपीएससी मुख्य परीक्षा (लिखित परीक्षा) और साक्षात्कार (पर्सनालिटी टेस्ट) में उम्मीदवार की ओर से प्राप्त अंकों को जोड़कर फाइनल रैंक तैयार की जाती है। दरअसल, यूपीएससी की कुल परीक्षा 2025 अंक की होती है। जिसमें1750 अंक (86.4% वेटेज) लिखित परीक्षा के लिए हैं, जबकि 2025 में से सिर्फ़ 275 अंक (13.6% वेटेज) पर्सनालिटी टेस्ट के लिए है।
दूसरी गलतफहमी: यूपीएससी साक्षात्कार के दौरान सिर्फ़ उम्मीदवारों को नॉलेज टेस्ट की जाती है।
– यूपीएससी साक्षात्कार का उद्देश्य किसी उम्मीदवार की नॉलेज को टेस्ट करना नहीं होता है। आयोग यूपीएससी प्रश्नपत्रों (प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा) के माध्यम से नॉलेज का टेस्ट पहले ही ले चुके होते हैं। ऐसे में बोर्ड पैनल साक्षात्कार के दौरान देखते हैं कि आप कैसे आदमी हैं और क्या आपकी पर्सनालिटी क्या है? साक्षात्कार के दौरान आपकी कम्युनिकेशन स्किल, सेंस ऑफ ह्यूमर, एनालिटिकल थिंकिंग और लीडरशिप क्वालिटी आदि बातों पर ध्यान दिया जाता है।
तीसरी गलतफहमी: आपको सभी प्रश्नों के उत्तर देना चाहिए, चाहे कुछ भी हो जाए।
– यूपीएससी बोर्ड पैनल ये बात अच्छी तरह से जानते हैं कि हर चीज के बारे में सब कुछ जानना मानवीय रूप से असंभव है। यदि आप कुछ प्रश्नों के उत्तर नहीं जानते हैं तो यह एकदम ठीक है। उस एक कारण से आपके अंक नहीं घटेंगे। वहीं ऐसी स्थिति आने पर जब आप किसी प्रश्न का उत्तर नहीं जानते उस समय जो बात अधिक अर्थ रखती है वह यह है कि आप उस स्थिति को कैसे संभालते हैं। वहीं ओवरस्मार्ट न बने और बोर्ड को विश्वासघात देने की प्रयास न करें, क्योंकि यूपीएससी ईमानदारी को महत्व देता है।
चौथी गलतफहमी: यूपीएससी साक्षात्कार में अच्छे अंक हासिल करने के लिए सिर्फ़ इंग्लिश में ही उत्तर देना चाहिए।
– यूपीएससी बोर्ड बोर्ड इंग्लिश के टीचर को नहीं बल्कि एक सिविल सेवक की जॉब के लिए योग्य उम्मीदवार की तलाश कर रहे हैं। आपको उत्तर ठीक होना चाहिए। भले ही वह इंग्लिश भाषा में न दिया हो।

