Tips and Tricks: अमरूद लेते समय इन छोटी गलतियों से बचें, वरना घर आएगा सड़ा या फीका फल…
बाजार जब रंग-बिरंगे फलों से सज जाते हैं, तो उनमें सबसे खास होता है अमरूद। हरे रंग का ये साधारण सा दिखने वाला फल स्वाद और स्वास्थ्य दोनों में कमाल करता है। अमरूद को अक्सर लोग नमक-मिर्च लगाकर बड़े चाव से खाते हैं तो कई घरों में इसकी चटनी और आचार तक बनाए जाते है। इसका स्वाद जितना ताजा और अनोखा होता है, उतनी ही बेहतरीन होती हैं इसकी खूबियां।

लोग चमकदार हरे रंग को देखकर अमरूद खरीद लेते हैं लेकिन ये कई बार अधपका या बेस्वाद निकल आता है। अच्छे अमरूद का रंग हल्का हरा से पीला होता है। बहुत अधिक गहरा हरा अमरूद अधपका होता है जबकि पूरी तरह पीला अमरूद अधिक पका हुआ होता है। साथ ही चिकना, हल्का लचीला और अपने आकार के हिसाब से वजनदार छिलका अच्छे फल की पहचान है।
अमरूद विटामिन C का सबसे अच्छा साधन माना जाता है जो ठंड के मौसम में शरीर को रोंगों से बचाने में सहायता करता है। यही नहीं इसमें उपस्थित फाइबर पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है और पेट संबंधी समस्याओं को दूर रखता है। प्रतिदिन अमरूद खाने से इम्यूनिटी बेहतर होती है और शरीर सर्दी-जुकाम जैसी मौसमी रोंगों से लड़ने में सक्षम रहता है। यही वजह है कि सर्दियों के दिनों में अमरूद की मांग सबसे अधिक बढ़ जाती है।
अगर अमरूद पर काले धब्बे, छोटे छेद या असमान आकार दिखाई दे तो उसमें कीड़े होने की आसार रहती है। ऐसे फलों को खरीदने से बचना चाहिए। अधिक पके और कीड़े लगे अमरूद दबाने पर मुलायम या पिचके हुए लगते हैं वहीं अच्छे अमरूद न अधिक कठोर होते हैं और न ही बहुत नरम।
ताजा और मीठे अमरूद से हमेशा एक स्वाभाविक मीठी सुगंध आती है। यदि गंध नहीं आ रही या किसी तरह की सड़ी-गली बदबू महसूस हो रही है, तो समझ लीजिए फल खराब है। ताजा अमरूद से मामूली मीठी खुशबू आती है गंध न आने का मतलब है कि वह अधपका है।

