Tips: इस आसान से उपाय के साथ चमक जाएगा आपका तांबे का पुराना बर्तन
प्राचीन काल से ही तांबे के बर्तन हमारी संस्कृति का हिस्सा रहे हैं। ऐसे में आज भी धार्मिक कार्यों में तांबे के बर्तन का इस्तेमाल होता हैं। वहीं, स्वास्थ्य के नजरिए से भी इसे खास माना जाता है। अब भी कई लोग इसका इस्तेमाल बड़े ही शौक से करते हैं।

बर्तन के लगातार इस्तेमाल से तांबे के बर्तन पर कई तरह के दाग लग जाते हैं। खासतौर से यह दाग खराब पानीक वजह से लगते हैं। कई कोशिशें के बावजूद बर्तनों से जिद्दी दाग नहीं हटते, जिससे बर्तन की खूबसूरती कम हो जाती है।
सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो अपलोडकिय है, जिसमें तांबे के बर्तन को साफ करने का घरेलू तरीका कहा है, इसमें सॉस और नमक वाले दो फार्मूला बताए है। ऐसे में है आपको तांबे के बर्तन साफ करने वाले दोनों फार्मूला के बारे में बता रहे है।
तांबे के बर्तन से काली परत हटाने के लिए टोमेटो सॉसक भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इसमें एक कटोरी में सॉस लेना है और ब्रश की सहायता से सीधे तांबे के बर्तन पर घिसना है। आप देखेंगे कि धीरे धीरे बर्तन पर से काली परत ऐसे गायब होगी जैसे गधे के सिर से सिंग।
तांबे के बर्तन पर जिद्दी और अधिक घातक दिख रहे दाग को निकालने के लिए दूसरा भी तरीका है, जो टोमेटो सॉस से आसान है। दरअसल, नमक और विनेगर का मिश्रण एक जोरदार क्लीनर का काम करता है। आप इसे एक निश्चित अनुपात में मिला दे। इसमें बाद दाग वाले तांबे के बर्तन पर लागू कर दे। आप देखेंगे कि थोड़ी ही देर में दाग निकलना प्रारम्भ हो जाएगा।
नमक और विनेगर का मिश्रण एक ताकतवर क्लीनर के रूप में काम करता है. विनेगर में एसिटिक एसिड होता है, जो जिद्दी दाग और काली परत को तोड़ने में सहायता करता है, जबकि नमक एक प्राकृतिक अपघर्षक के रूप में काम करता है जो सतहों को साफ करने में सहायता करता है। जब ये दोनों मिलते हैं, तो एसिटिक एसिड दाग और काली परत को तोड़ता है और नमक उसे खुरचकर हटा देता है, जिससे सतह चमक उठती है।
तांबे के बर्तनों को साफ करने के बाद एक मुलायम और सूखे कपड़े से अच्छी तरह पोंछकर सुखाए, जिससे पानी के निशान दाग न बनें। तांबे के बर्तनों को नए जैसा चमकाने के लिए दो आसान और कारगर ढंग हैं आप नींबू और नमक या फिर विनेगर और नमक के मिश्रण का इस्तेमाल करके तांबे के बर्तनों को चमका सकते हैं,। इन उपायों से न सिर्फ़ बर्तन साफ होते हैं, बल्कि वे केमिकल मुक्त भी रहते हैं, जो स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों के लिए लाभ वाला है।

