आम के कोर को कीट से सुरक्षित रखने के लिए तुरंत कर लें ये उपाय, नहीं तो बर्बाद हो जाएगी…
आम के बागों में अब कोर आने वाला है, लेकिन कुछ कीटों का प्रकोप भी देखा जा रहा है, जो आम के कोर को नष्ट कर सकते हैं। इन कीटों को कढ़ी कीट या मैंगो मिलीबग बोला जाता है। यदि किसानों ने समय रहते इन कीटों को नियंत्रित नहीं किया, तो आम के पेड़ों से कोर पूरी तरह समाप्त हो जाएंगे और फल नहीं आएंगे।

कब पनपते हैं ये कीड़े
कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी एवं प्रोफेसर डाक्टर आई।के। कुशवाहा बताते हैं कि किसान तब इन कीटों को आम के बागों में पनपने का मौका देते हैं, जब वे बाग की ठीक से जुताई नहीं करते। इस स्थिति में, इन कीटों का प्रकोप अधिक बढ़ जाता है। ये कीट पेड़ों के तने में अंडे देते हैं, जिससे निकले लार्वा पेड़ों पर चढ़कर कोर का रस चूसते हैं और पत्तियों के विकास को भी रोक देते हैं।
ऐसे करें बचाव
कीटों से बचाव के लिए किसानों को अपने पेड़ों के तनों के पास लगभग आधे मीटर का रिंग तैयार करना चाहिए। उस रिंग में मिट्टी की अच्छे से खुदाई करनी होगी और उसमें कीटनाशक दवा मिलानी होगी। इसके बाद पेड़ों के तनों पर गिरीश, चूना, नीला तोता, या कीटनाशक दवा मिलाकर पेंट करना चाहिए, जिससे कीट पेड़ों पर चढ़ न सकें।
रुक जाता है फलों का विकास
डॉ। कुशवाहा ने लोकल 18 से वार्ता में कहा कि आम के बागों में जल्द ही कोर आना प्रारम्भ हो जाएगा, लेकिन कढ़ी कीट और मैंगो मिलीबग का भारी प्रकोप देखने को मिल रहा है। इन कीटों का प्रकोप तब अधिक बढ़ता है जब बाग की अच्छी तरह जुताई नहीं की जाती। मैंगो मिलीबग और कढ़ी कीट पेड़ों की जड़ों में गुच्छों के रूप में अंडे देते हैं।
ये कीट पेड़ों की जड़ों से निकलकर ऊपर चढ़ते हैं और कोर का रस चूसते हैं, जिससे फल नहीं बनते और नयी पत्तियों का विकास रुक जाता है। छिड़काव करने पर भी व्यस्क कीट मरते नहीं क्योंकि इनके शरीर पर एक सुरक्षात्मक परत होती है।
जब अंडे निकलें, तभी समाप्त कर दें
बचाव के लिए किसानों को जनवरी में जब ये कीट अंडों से निकलते हैं, तभी इन्हें समाप्त करना महत्वपूर्ण होता है। पेड़ों की जमीन से सटी डालियों को काट देना चाहिए। पेड़ के निचले हिस्से में गिरीश, चूना, नीला तोता और कीटनाशक मिलाकर पुताई करनी चाहिए, जिससे कीट पेड़ों पर न चढ़ सकें और पेड़ों के जख्म भी ठीक हो जाएं। मिट्टी में खुदाई कर उसमें क्लोरीनट्रानिलिप्रोएल (कोरिजन), इमामेक्टिन बेंजोएट, डेल्टामेथ्रिन 28 ईसी, मीली रेज़, डिश सोप, डिटर्जेंट या डाइक्लोरवोस जैसे कीटनाशक मिलाने से कीटों के अंडे नष्ट हो जाते हैं।
अगर समय रहते यह तरीका कर लिए जाएं, तो किसान अपने आम के बागों को हानि से बचा सकते हैं और अच्छे उत्पादन की आशा कर सकते हैं। एक बार ये कीड़े लग गए तो फल अच्छे नहीं आते और इनसे मुक्ति पाना भी मुश्किल होता है। बेहतर होता है कि इन्हें आरंभ में ही रोक दिया जाए।

