टोमेटो केचप और सॉस बनाकर अपना व्यवसाय आसानी से आगे बढ़ा सकती हैं ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं
एक साथ टमाटर की फसल पककर तैयार हो जाने से रेट अर्श से फर्श पर आ गए हैं। यहां तक की ग्राहक नहीं मिलने से किसानों को टमाटर मवेशियों को खिलाने पड़ रहे हैं। लेकिन, किसान भाई इस इस समय को एक मौके के रूप में भुना सकते हैं। जिसमें बहुत हल्की सी लागत में टमाटर का वैल्यू एडेड प्रोडक्शन कर चार गुनी मूल्य प्राप्त कर सकते हैं।

सागर कृषि विज्ञान केंद्र में सीनियर टेक्निकल असिस्टेंट के रूप में पदस्थ डाक्टर मयंक मेहरा बताते हैं कि सस्ते टमाटर का केचप सॉस, पाउडर या टमाटर पूरी बनाकर वैल्यू एडेड कर सकते हैं। इसमें किसानों का समूह, स्त्रियों का समूह या ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं टोमेटो केचप और सॉस सरलता से बनाकर अपना लेवल लगाकर बेच सकती हैं। यानी जब टमाटर के रेट अधिक होते हैं, उस समय यह प्रयोग करें।
इस केमिकल से बन जाएगा काम
अगर कोई टोमेटो सॉस या केचप बनाना चाहता है तो उसको घर पर बनाने की बहुत आसान विधि है। उदाहरण के तौर पर यदि कोई 1 किलो टमाटर का सॉस बनाना चाहता है तो उसे 200 ग्राम भिड़न्त और इतना पानी लेना होगा कि टमाटर अच्छे से उबल जाए। साथ इसको लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए एक केमिकल बेंजोएट आधा ग्राम डालते हैं तो 6 महीने तक इसको सुरक्षित रख सकते हैं।
इस तरह के टमाटर का करें चयन
सबसे पहले हम ऐसे टमाटर का चयन करते हैं, जिसमें गूदा बहुत अधिक हो। यदि छोटा टमाटर है तो दो टुकड़े करते हैं, बड़ा टमाटर है तो चार टुकड़े करते हैं। फिर उसको उबालने के लिए रख देते हैं। इसको छन्नी से छान लेते हैं। इसके बाद दोबारा गर्म करने के लिए रखना पड़ता है। इसी समय शक्कर मिला देते हैं। यह करीब 40 मिनट तक गर्म किया जाता है।
फ्लेवर देने के लिए पोटली बनाएं
टोमेटो केचप में फ्लेवर देने के लिए एक कपड़े की पोटली बनाते हैं, जिसमें लहसुन, अदरक, प्याज, खड़े मसाले, मिर्च, धनिया पाउडर के साथ स्वाद के मुताबिक नमक मिलते हैं। उसे कढ़ाई में डाल देते हैं, जिससे केचप में हर तरह का फ्लेवर मिलता है।
फिर 40 मिनट बाद हम उसको ठंडा करते हैं।
ऐसे पता चलेगा पका या नहीं
अब यदि हम यह जानना चाहते हैं कि हमारा केचप पक कर तैयार हो पाया है या नहीं तो इसके लिए चम्मच या प्लेट विधि का प्रयोग कर सकते हैं। एक कटोरी में गर्म पानी लेंगे और उसमें एक बूंद डालेंगे। यदि वह फैल रहा है तो वह नहीं पका है, यदि वह बूंद से वैसी ही दिखती है तो समझ जाएं कि पक गया है। यदि प्लेट से करते हैं तो प्लेट को थोड़ा तिरछा करके एक से दो बूंद उसमें डालें। बाजू से यदि पानी निकल रहा है तो इसका मतलब नहीं पका है। एक बूंद यदि एक साथ नीचे तक आता है इसका मतलब वह पक गया है। फिर इसको ठंडा किया जाता है।
ये केमिकल डालने से 6 महीने तक कुछ नहीं होगा
ठंडा करने के बाद ही इसमें प्रिजर्वेटिव बेंजोएट डाला जाता है। इस मिक्सचर करने के लिए एक कप में गुनगुना पानी लेते हैं। इसमें आधा ग्राम डालते हैं, फिर उसे केचप के मिक्सर में डाल देते हैं। फिर कांच का कंटेनर या बोतल में भर देते हैं। बोतल में बंद करते समय 0.3 से खाली छोड़ जाता है। एक बोतल सॉस या केचप बनाने की मूल्य 25 से 30 रुपये आती है, जबकि बाजार में इसकी बिक्री 110 से 130 तक की होती है। ऐसा करने से आय बढ़ेगी।

