बिना दांत वाले लोगों के लिए भी बेहतरीन है आदिवासी स्टाईल चिकन, जानें बनाने का तरीका
आदिवासी खासतौर पर पतपोड़े चिकन बनाते हैं, जो खाने में काफी लजीज लगता है। खास बात यह है कि इसको पत्ते में लपेटकर बनाया जाता है। सबसे पहले चिकन को मसाले में मैरिनेड कर दिया जाता है।

फिर उसको सखुआ के पत्ते में लपेटकर कोयले की आंच में डाल दिया जाता है और आधे घंटे के बाद निकाल लिया जाता है। यह खाने में बहुत ही स्वादिष्ट लगता है।
सबसे पहले आपको चिकन को छोटी-छोटी पीस में काट लेना है। ध्यान रखें पीस बहुत बड़ा नहीं होना चाहिए और फिर इसको मैरिनेड कर लेना है। इसके लिए जो जेनेटिक मसाले होते हैं। जैसे हल्दी, नमक, मीट और चिकन मसाले थोड़ा प्याज यह सब डालकर अच्छे से मिला लेना है और 10- 15 मिनट के लिए छोड़ देना है।
10-15 मिनट के बाद यह तैयार हो जाएगा और फिर आपको पत्ता लेना है। बड़ा-बड़ा और उसमें थोड़ा थोड़ा डाल दीजिए और चिकन को पत्ते में लपेटकर उसे किसी धागे से बांध लीजिए। जिससे यह गिरे ना और इसके ऊपर एक अल्युमिनियम अच्छे से लपेट लीजिए।
इससे चिकन एकदम ही नहीं गिरेगा और बिल्कुल सेफ रहेगा और इसके बाद आपको कोयले की आंच में यूं ही डाल देना है और इसको कम से कम आधा घंटा के लिए छोड़ दीजए और आधे घंट की बात आप अल्युमिनियम और पत्ते को खोल सकते हैं।
उसके बाद आप देखेंगे की कितना बहुत बढ़िया चिकन बनकर रेडी हुआ है। खास बात यह है कि ये ऑयल में फ्राई नहीं होता। इसीलिए यह बहुत हेल्दी माना जाता है। मतलब जो डाइट पर है। वह भी मजे से खा सकते हैं। इसे आप जंगल में भी बना सकते हैं।
सबसे बड़ी बात यह काफी सॉफ्ट और मुलायम होता है। मुंह में जाते ही घुल जाता है। इसीलिए जो बिना दांत वाले लोग है या जिनके दांत कमजोर है। वह भी सरलता से खा सकते हैं।

