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अग्निपथ का लक्ष्य सेनाओं को युद्ध के लिए निरंतर योग्य बनाकर रखना है : PM मोदी

Agneepath Scheme: पीएम मोदी ने शुक्रवार को अग्निपथ योजना को सेना द्वारा किए गए जरूरी सुधारों का एक उदाहरण कहा और विपक्ष पर सशस्त्र बलों में औसत उम्र वर्ग को युवा रखने के उद्देश्य से शुरु की गई इस भर्ती प्रक्रिया पर राजनीति करने का इल्जाम लगाया.

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मोदी ने करगिल युद्ध में जीत की 25वीं वर्षगांठ के अवसर पर यहां आयोजित करगिल विजय दिवस पर अपने संबोधन में बोला कि कुछ लोग राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े एक संवेदनशील मामले पर भी राजनीति कर रहे हैं. उन्होंने उन दावों को भी खारिज कर दिया कि पेंशन के पैसे बचाने के लिए अग्निपथ योजना प्रारम्भ की गई थी.

उन्होंने कहा, ‘‘अग्निपथ का लक्ष्य सेनाओं को युवा बनाना है, अग्निपथ का लक्ष्य सेनाओं को युद्ध के लिए लगातार योग्य बनाकर रखना है.” उन्होंने कहा, ‘‘दुर्भाग्य से राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े इस तरह के संवेदनशील मामले को कुछ लोगों ने राजनीति का विषय बना दिया है. कुछ लोग सेना के इस सुधार पर भी अपने पर्सनल स्वार्थ में असत्य की राजनीति कर रहे हैं.

प्रधानमंत्री ने बोला कि यह योजना सेना द्वारा किए गए जरूरी सुधारों का एक उदाहरण है. उन्होंने कहा, ‘‘दशकों से संसद और विभिन्न समितियों में सशस्त्र बलों को युवा बनाने पर चर्चा होती रही है. भारतीय सैनिकों की औसत उम्र वैश्विक औसत से अधिक होना चिंता का विषय रहा है.

उन्होंने बोला कि इस मामले को कई समितियों में सालों तक उठाया गया लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा की इस चुनौती को हल करने की इच्छाशक्ति पहले नहीं दिखाई गई. उन्होंने कहा, ‘‘देश ने अग्निपथ योजना के माध्यम से इस चिंता का निवारण किया है.

विपक्ष पर निशाना साधते हुए मोदी ने कहा, ‘‘ये वही लोग हैं जिन्होंने सेनाओं में हजारों करोड़ के घोटाले करके हमारी सेनाओं को कमजोर किया. ये वही लोग हैं जो चाहते थे कि वायुसेना को कभी आधुनिक फाइटर जेट ना मिल पाएं. ये वही लोग हैं जिन्होंने तेजस फाइटर प्लेन को भी डिब्बे में बंद करने की तैयारी कर ली थी.

प्रधानमंत्री ने उन दावों को भी खारिज कर दिया कि पेंशन के पैसे बचाने के लिए अग्निपथ योजना प्रारम्भ की गई थी. उन्होंने कहा, ‘‘कुछ लोग ऐसा भ्रम फैला रहे हैं कि गवर्नमेंट पेंशन के पैसे बचाने के लिए ये योजना लेकर आई. मुझे ऐसे लोगों की सोच पर लज्जा आती है लेकिन ऐसे लोगों से पूछा जाना चाहिए, जरा कोई मुझे बताये आज मोदी के शासनकाल में जो भर्ती होगा क्‍या आज ही उसको पेंशन देनी है?”

उन्होंने कहा, ‘‘उसको पेंशन देने की नौबत 30 वर्ष के बाद आएगी. और तब तो मोदी 105 वर्ष का हो गया होगा और तब भी क्‍या मोदी की गवर्नमेंट होगी? क्‍या मोदी जब 105 वर्ष का होगा? 30 वर्ष के बाद जब पेंशन बनेगी, उसके लिए ये मोदी ऐसा राजनीतिज्ञ है जो आज गाली खाएगा?”

प्रधानमंत्री ने बोला कि उनके लिए दल नहीं बल्कि राष्ट्र सर्वोपरि है. उन्होंने कहा, ‘‘आज गर्व से बोलना चाहता हूं सेनाओं द्वारा लिए गए निर्णय का हमने सम्‍मान किया है. हम राजनीति के लिए नहीं राष्‍ट्रनीति के लिए काम करते हैं. हमारे लिए राष्‍ट्र की सुरक्षा सर्वोपरि है. हमारे लिए 140 करोड़ की शांति, ये सबसे पहले है.

एक बार फिर विपक्ष पर निशाना साधते हुए मोदी ने बोला कि जो लोग राष्ट्र के युवाओं को गुमराह कर रहे हैं, उनका इतिहास साक्षी है कि उन्हें सैनिकों की कोई परवाह नहीं थी. उन्होंने बोला कि ये वही लोग हैं जिन्होंने एक हल्की धनराशि 500 करोड़ रुपए दिखा-दिखाकर ‘वन रैंक, वन पेंशन’ पर असत्य कहा था.

उन्होंने कहा, ‘‘ये हमारी गवर्नमेंट है जिसने वन रैंक, वन पेंशन लागू किया. पूर्व सैनिकों को सवा लाख करोड़ रुपए से अधिक दिए हैं. कहां 500 करोड़ और कहां सवा लाख करोड़ ! इतना असत्य और राष्ट्र के जवानों की आंखों में धूल झोंकने का पाप ! ये वही लोग हैं जिन्होंने आजादी के सात दशक बाद भी, सेना की मांग होने के बाद भी, वीर सैनिकों के परिवारों की मांग होने के बाद भी हमारे शहीदों के लिए वॉर मेमोरियल नहीं बनाया, टालते रहे, कमिटियां बनाते रहे, नक्‍शे दिखाते रहे.

विपक्ष, खासकर कांग्रेस पार्टी पर धावा जारी रखते हुए पीएम ने बोला कि ये वही लोग हैं जिन्होंने सीमा पर तैनात जवानों को पर्याप्त बुलेटप्रूफ जैकेट्स भी नहीं दी थीं. उन्होंने कहा, ‘‘ये वही लोग हैं जो करगिल विजय दिवस को भी नजरअंदाज करते रहे. ये तो राष्ट्र की कोटि-कोटि जनता का आशीर्वाद है कि मुझे तीसरी बार गवर्नमेंट बनाने को मौका मिला और इसलिए आज ये महत्‍वपूर्ण ऐतिहसिक घटना का हम पुन:स्‍मरण कर पा रहे हैं. अन्यथा यदि वही आ जाते तो इस युद्ध विजय की सवारी को याद नहीं करते.

 

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