इंडियन नॉलेज सिस्टम डवलपमेंट के लिए संपूर्ण है : प्रो. अल्पना कटेजा
जयपुर. अब डवलपमेंट नहीं, सस्टेनेबल डवलपमेंट की बात होनी चाहिए. भारतीय नॉलेज सिस्टम डवलपमेंट के लिए संपूर्ण है, इसे आधुनिक समय में सामंजस्य के साथ आगे बढने की आवश्यक्ता है.

ये बात कही राजस्थान यूनिवर्सिटी की वाइस चांसलर प्रो. अल्पना कटेजा ने. वे सोमवार को यूनिवर्सिटी के सेंटर ऑफ कंप्यूटर साइंस एंड आईटी एवं पोद्दार इंटरनेशनल कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में ग्लोबल चैलेंज एंड अपॉर्चुनिटी, एनईपी 2020 एवं भारतीय नॉलेज सिस्टम विषय पर प्रारम्भ हुई दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार के उद्घाटन सत्र में स्कॉलर्स, डेलीगेट्स एवं स्टूडेंट्स को संबोधित कर रही थी. इस अवसर पर देशभर से स्टूडेंट्स, स्कॉलर्स, वक्ता एवं विषय जानकार बडी संख्या में शामिल हुए. प्रो. कटेजा ने बोला कि हमारे यहां एक लंबा समय ऐसा बीता जब शिक्षा रोजगारोन्मुखी नहीं थी, लेकिन अब स्थितियां उलट है. अब प्रेक्टिकल नॉलेज, इंडस्ट्री एक्सपोजर , टीमवर्क जैसे गुणों का स्टूडेंट्स में विकास होने की बात भी वीसी ने कही. इस अवसर पर मुख्य मेहमान के रूप में चीफ इलेक्शन ऑफिसर प्रवीण गुप्ता एवं गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में क्षेत्रीय संगठन मंत्री अश्विनी शर्मा ने कार्यक्रम को के उद्घाटन सत्र को संबोधित किया. कांफ्रेंस के पहले दिन प्रो. विनय शर्मा, प्रकाश दिवाकरन, प्रो. राणा सिंह, डाक्टर बशीर सालेह मैना समेत अन्य वक्ताओं ने विभिन्न सत्रो में संबोधित किया. यूनिवर्सिटी के डीन कॉमर्स अशोक अग्रवाल, कन्वीनर कृष्णा गुप्ता और पोद्दार कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ प्रवीण गोस्वामी ने कांफ्रेंस की महत्ता पर प्रकाश डाला. पोद्दार ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन डा. आनंद पोद्दार ने कांफ्रेंस के बारे में जानकारी देते हुए बोला कि इस कांफ्रेंस के माध्यम से एक सार्थक चर्चा होगी जिससे स्टूडेंट्स लाभान्वित हो सके और वर्तमान परिप्रेक्ष्य में स्वयं को अपडेट रख सके. उन्होंने बोला कि पोद्दार ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स में पिछले दस वर्ष से एनईपी की तर्ज पर ही विभिन्न कोर्सेज में कार्य हो रहा है.
मॉडर्न समय से हो समावेश
प्रवीण गुप्ता ने अपने संबोधन मे बोला कि एजुकेशन पॉलिसी का उद्देश्य साइंटिफिक इवेल्यूएशन है, जो कि न्यू एजुकेशन पॉलिसी से निश्चित तौर पर होगा. उन्होंने भारतीय नॉलेज सिस्टम को इंटीग्रेटेड सिस्टम के तौर पर देखने और मॉडर्न समय से इसे कॉलेबरेट करने की आवष्यक्ता बताई. उन्होंने एकेडमिक और इंडस्ट्री कनेक्ट के साथ ही एक्सपीरिंशियल स्टडी किए जाने की बात कही. उन्होंने इण्डिया को अपना वीकीपीडिया सिस्टम बनाने और उसे ग्लोबल लेवल पर लेकर जाने को कहा. अश्विनी शर्मा ने पुराने चलते आ रहे भारतीय नॉलेज सिस्टम को वर्तमान से रिलीवेंट करने की बात कही.

