एक महिला नर्सिंग ऑफिसर ने पीएम मोदी को भावुक कर देने वाला लिखा खत
BHU Nursing Officer Letter to पीएम Modi: पीएम मोदी से एक स्त्री नर्सिंग ऑफिसर ने करुण पुकार की है। उन्होंने भावुक कर देने वाला एक खत लिखा है, जिसमें राष्ट्र में काम कर रहे नर्सिंग स्टाफ की भलाई के लिए कुछ काम करने की अपील की गयी है। चिट्ठी में बोला गया है कि पीएम जी, आप इतिहास रचिए। इसे पीढ़ियों तक याद किया जायेगा।

बच्चों के लालन-पालन की चिंता में फैमिली प्लानिंग नहीं कर रहे नर्सिंग स्टाफ
देश भर के एम्स में काम करने वाले नर्सिंग स्टाफ में कई पति-पत्नी हैं। पति कहीं पोस्टेड है और पत्नी की कहीं पोस्टिंग हो रखी है। दोनों पैसे तो कमाते हैं, लेकिन पारिवारिक सुख इन्हें नहीं मिलता। कई ऐसे पति-पत्नी हैं, जो फैमिली प्लानिंग के बारे में नहीं सोच पा रहे हैं, क्योंकि उन्हें चिंता है कि यदि उनके बच्चे हुए, तो वह कैसे पलेंगे-बढ़ेंगे।
नर्सिंग स्टाफ की मांग- पति-पत्नी को साथ रहने का मौका मिले
देश में स्त्रियों को आगे बढ़ने का मौका तो मिल रहा है, लेकिन उनके परिवार कैसे चलेंगे, इस पर कोई उचित विचार-विमर्श नहीं हो रहा है। नर्सिंग स्टाफ यूनियन ने स्वास्थ्य मंत्रालय से मांग की है कि राष्ट्र के भिन्न-भिन्न कोने में काम कर रहे दंपती (नर्सिंग स्टाफ्स) को ट्रांसफर करके एक शहर में रहने का अवसर दिया जायेगा।
स्पाउजल ट्रांसफर पॉलिसी की मांग कर रहे नर्सिंग स्टाफ
स्वास्थ्य मंत्रालय ने उनकी बातों को गंभीरता से सुना। स्वीकार किया कि यह एक बड़ी परेशानी है, जिसका निवारण होना चाहिए। बावजूद इसके अधिकारी स्पाउजल ट्रांसफर पॉलिसी पर कोई काम करने के लिए तैयार नहीं हैं। मुद्दा न्यायालय में भी विचाराधीन है। जल्द ही इस मुकदमा की सुनवाई मुंबई उच्च न्यायालय में होगी। इस बीच, एक स्त्री नर्सिंग ऑफिसर ने अपना दर्द बयां करते हुए पीएम मोदी को चिट्ठी लिखी है।
BHU Nursing Officer ने क्या लिखा है चिट्ठी में?
की नर्सिंग ऑफिसर मोनिका चौधरी ने पीएम को जो खत लिखा है, वो इस प्रकार है-
प्रिय मोदीजी,
मैं और मेरे पति दोनों हेल्थकेयर प्रोफेशनल हैं। दोनों एक-दूसरे से 850 किलोमीटर दूर तैनात हैं। घर और जॉब को संभालना बहुत कठिन हो गया है। हमारे बच्चे रोते हैं। घर सूना रहता है। क्या हमारी राष्ट्र सेवा का यही पुरस्कार है।
कृपया सभी संस्थानों में ‘स्वास्थ्यकर्मियों के लिए जीनसाथी आधारित ट्रांसफर नीति’ लागू करें। यह नीति परिवारों को जोड़ेगी, बच्चों को प्यार देगी और हमें कर्तव्य के लिए ताकत।
गरीबों और किसानों के बाद अब इन सफेद कोटधारियों (स्वास्थ्यकर्मियों) के टूटे परिवारों को जोड़कर आप एक या इतिहास रचें, जो पीढ़ियों तक याद किया जायेगा।
सम्मान और प्रार्थना के साथ,

