राष्ट्रीय

एसटीएफ और नोएडा पुलिस ने विदेशियों से धोखाधड़ी करने वाले कॉल सेंटर का किया पर्दाफाश, 25 अभियुक्तों को किया अरेस्ट

नोएडा एसटीएफ मुख्यालय, लखनऊ की टीम और सेक्टर 58 थाना पुलिस के संयुक्त कोशिश से बीओआईपी कॉल, टीएफएन और सॉफ्टफोन के माध्यम से विदेशों में रह रहे व्यक्तियों के साथ औनलाइन फर्जीवाड़ा करके गैरकानूनी पैसा कमाने वाले गैंग का भंडाफोड़ करते हुए 25 अभियुक्तों को अरैस्ट किया गया है

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इनके कब्जे से घटना में इस्तेमाल होने वाली 34 मोबाइल, 4 लैपटॉप, 5 इंटरनेट राउटर, 4 चार पहिया वाहन, 22 कम्प्यूटर (डिस्प्ले, सीपीयू, की-बोर्ड, माउस, हेड फोन), 2 रजिस्टर, कागजात समेत अन्य सामान बरामद हुए हैं एसटीएफ और पुलिस टीम ने छापेमारी डी-41 सेक्टर-59 में की थी

पुलिस पूछताछ में पकड़े गए गैंग ने कहा है कि कंप्यूटर से टीएनएफ पोर्टल के माध्यम से एयबीम सॉफ्टवेयर से विदेशियों को कॉल सेंटर में लगे सिस्टम पर कॉल को लैंड कराते हैं उस कॉल को कॉल सेंटर पर पूर्व से सक्रिय कॉलर रिसीव करते हैं तथा अपने आप को विदेशी कंपनी का प्रतिनिधि प्रदर्शित करते हुए उनकी परेशानी का जल्द निवारण का आश्वासन देते हैं

कंपनी में काम करने वाले कर्मचारी उन लोगों को बोलते हैं कि आपका सिस्टम हैक तथा आईपी एड्रेस कम्प्रोमाइज्ड हो गया है इस परेशानी के निवारण के लिए गैंग उनके सिस्टम को ऐनीडेस्क सॉफ्टवेयर से कनेक्ट कर उनके सिस्टम में आ रही परेशानी को हल करने के नाम पर चार्ज लेते हैं गैंग पैसा अमेक्स, अमेजन, एप्पल, टारगेट, गूगल प्ले, गैमस्टॉप, सेफोरा, नॉर्डस्टर के गिफ्ट कार्ड 100-500 डालर मूल्य के रूप में लेता है

धोखाधड़ी के दौरान गैंग यूएस के लोगों के मोबाइल को एनीडेस्क से कनेक्ट कर मैजिक ऐप गूगल वाइस आदि ऐप पर पेमेंट कराकर एकाउंट बना लेते हैं और उनके मोबाइल से उस एकाउंट को लॉगआउट कर अपने मोबाइल पर लॉगिन कर लेते हैं फिर इन ऐप का इस्तेमाल गैंग आवश्यकता के अनुसार यूएस के लोगों को डायरेक्ट कॉल करने के काम में लेते हैं और फर्जीवाड़ा किया जाता है

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