राष्ट्रीय

किसानों और सरकार के बीच हुई चौथे दौर की वार्ता फेल

Farmers Protest Latest Update: किसानों और गवर्नमेंट के बीच हुई चौथे दौर की वार्ता भी फेल हो गई है किसानों ने MSP को लेकर दिया गया गवर्नमेंट का प्रस्ताव खारिज कर दिया है किसानों का बोलना है कि 3 फसलों पर MSP देकर गवर्नमेंट कानून बनाने से बच रही है

अब जो भी हो, 21 फरवरी को दिल्ली कूच करेंगे और आज अपने दिल्ली चलो मार्च को लेकर आगे की रणनीति बनाएंगे, लेकिन गवर्नमेंट और किसानों के बीच वार्ता क्यों फेल हुई? किसान क्या चाहते हैं और आगे क्या होगा? आइए विस्तार से जानते हैं…

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क्या कहते हैं किसान और SKM?

18 फरवरी को किसानों और गवर्नमेंट के बीच चौथे दौर की वार्ता हुई थी, जिसमें केंद्र सरकारी ओर से मंत्री पीयूष गोयल ने MSP को लेकर एक प्रस्ताव दिया था इस प्रस्ताव में 5 फसलों मक्का, कपास, तूर, मसूर और उड़द खरीदने का प्रस्ताव दिया है किसानों के साथ 5 वर्ष का समझौता करने का भी प्रपोजल है,

लेकिन संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) ने यह कहते हुए प्रस्ताव अस्वीकार कर दिया कि MSP सभी 23 फसलों पर दिए जाने से गवर्नमेंट पर अधिक भार नहीं पड़ेगा इस बार हम आश्वासनों में नहीं फंसेंगे बार-बार बात भी नहीं करेंगे MSP की गारंटी मिलेगी, तभी आंदोलन समाप्त होगा अब केंद्र गवर्नमेंट देखे, क्या करना है? गवर्नमेंट का प्रस्ताव किसानों के भलाई में नहीं है

सरवन सिंह पंधेर ने क्या कहा?

संयुक्त किसान मोर्चा के अध्यक्ष सरवन सिंह पंधेर ने गवर्नमेंट की नीयत में खोट बताया सरवन का बोलना है कि केंद्र गवर्नमेंट की पॉलिसी भी ठीक नहीं है किसी न किसी तरह MSP पर कानून बनाने से बच रही है गवर्नमेंट 23 फसलों पर MSP की गारंटी देगी, तभी इस बार किसान पीछे हटेंगे

बाकी बची फसलों पर कानूनी गारंटी चाहिए किसान इस बात पर स्टैंड रहेंगे और मांगे मानने के बाद ही पीछे हटेंगे किसानों की मांगें स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के आधार पर पूरी की जानी चाहिएं फसलों-मसालों पर MSP देने के लिए नेशनल कमीशन भी बनाया जाना चाहिए

क्या कहते हैं गुरनाम सिंह चढ़ूनी?

हरियाणा के किसान संगठन BKU (चढ़ूनी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम चढ़ूनी ने भी किसानों का समर्थन किया है उनका बोलना है कि MSP देने के लिए प्रस्ताव में सरसों और बाजरे को भी शामिल किया जाए, क्योंकि हरियाणा में ज्यादातर किसान यही फसलें उगाते हैं यदि ऐसा नहीं हुआ तो हरियाणा के किसान भी आंदोलन में शामिल होंगे

पंजाब में जो प्रस्ताव लागू होगा, वह हरियाणा में भी लागू होगा, इसलिए गवर्नमेंट प्रस्ताव पर दोबारा विचार करे सरसों की फसल पर MSP मिलेगी तो राष्ट्र खाद्य ऑयल के मुद्दे में आत्मनिर्भर बनेगा गवर्नमेंट को किसानों पर दर्ज मुकदमा भी वापस लेने चाहिएं हरियाणा गवर्नमेंट ने IPC की धारा 307 के अनुसार किसानों पर मुकदमा दर्ज कराए हुए हैं

 

किसानों-सरकार के बीच चारों दौर की वार्ता फेल

बता दें कि किसानों और गवर्नमेंट के बीच अब तक 4 दौर की वार्ता हो चुकी है और चारों की फैल हो गईं 8, 12, 15 और 18 फरवरी को चंडीगढ़ में बैठकें हुईं पंजाब के सीएम भगवंत मान ने मध्यस्थता की, लेकिन बात नहीं बनीं

 

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