केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी और उनकी पत्नी चारु सिंह ने क्रिप्टोकरंसी इन्वेस्टमेंट का किया उल्लेख
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी और उनकी पत्नी चारु सिंह ने लगातार दूसरे वर्ष अपनी आधिकारिक संपत्ति घोषणा में क्रिप्टोकरंसी इन्वेस्टमेंट का उल्लेख किया है। यह केंद्रीय मंत्रिपरिषद के सदस्यों में पहला मुद्दा है, जहां किसी मंत्री ने वर्चुअल डिजिटल एसेट्स (VDAs) को संपत्ति का हिस्सा कहा है। पीएम कार्यालय (PMO) की वेबसाइट पर प्रकाशित सालाना ‘केंद्रीय मंत्रिपरिषद की संपत्ति और देनदारियां’ (Assets and Liabilities of the Union Council of Ministers) रिपोर्ट के अनुसार, कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने 31 मार्च 2025 तक क्रिप्टोकरंसी में 21.31 लाख रुपये का निवेश घोषित किया है। उनकी पत्नी चारु सिंह ने 22.41 लाख रुपये की क्रिप्टो होल्डिंग्स दर्ज की हैं। दोनों ने निवेश का साधन पर्सनल बचत यानी पर्सनल सेविंग कहा है, लेकिन यह साफ नहीं किया कि किस क्रिप्टोकरेंसी में पैसा लगाया गया है।

‘इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले वर्ष जून 2024 में दाखिल ब्योरे में जयंत चौधरी और चारु सिंह ने 17.9 लाख और 19 लाख रुपये की क्रिप्टोकरंसी होल्डिंग्स घोषित की थी। मौजूदा वित्तीय साल में यह निवेश 19% और 18% बढ़ा है। राज्यसभा सदस्य और राष्ट्रीय लोकदल (RLD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी जून 2024 में मोदी गवर्नमेंट में शामिल हुए थे। वे शिक्षा मंत्रालय में भी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में कार्यरत हैं। उनकी घोषणा सामान्य तौर पर मंत्रियों द्वारा घोषित संपत्ति से अलग है, जिसमें अक्सर जमीन, मकान, बैंक एफडी, शेयर, म्यूचुअल फंड, आभूषण, वाहन और कभी-कभी हथियार शामिल रहते हैं।
पहले किया था निवेश
जयंत चौधरी ने बोला कि यह पहले किए गए निवेश हैं, जो चले आ रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘निवेश के समय यह मेरे पोर्टफोलियो का सिर्फ़ 2-3% था। मेरे पोर्टफोलियो में आर्ट सेगमेंट में बड़े निवेश की तरह यह भी फिट बैठता है।’ घोषणा के अनुसार, जयंत चौधरी के पास 33.23 करोड़ रुपये मूल्य की अचल संपत्ति और 14.51 करोड़ रुपये की चल संपत्तियां हैं। उनकी पत्नी चारु सिंह ने 2.15 करोड़ रुपये की अचल और 9.54 करोड़ रुपये की चल संपत्ति घोषित की है।
भारत में क्रिप्टोकरंसी रेगुलेटेड नहीं
भारत में क्रिप्टोकरेंसी अभी भी अनरेगुलेटेड (unregulated) है। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने समय-समय पर निवेशकों को वर्चुअल करेंसी से जुड़े वित्तीय, कानूनी और सुरक्षा जोखिमों को लेकर चेताया है। गवर्नमेंट भी इस बात पर बल देती रही है कि किसी नीति को आखिरी रूप देने से पहले वैश्विक सहमति जरूरी है। रिपोर्ट के अनुसार, संसद के मानसून सत्र के दौरान वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा को कहा था कि गवर्नमेंट क्रिप्टो एसेट्स का कोई आधिकारिक डेटा एकत्र नहीं करती है। क्रिप्टो एसेट्स हिंदुस्तान में अनरेगुलेटेड हैं। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि इनसे होने वाली आय इनकम टैक्स कानून के अनुसार टैक्सेबल है। मार्च 2023 से वर्चुअल डिजिटल एसेट्स (VDAs) के लेनदेन को मनी लॉन्ड्रिंग निरोधक कानून (PMLA) के दायरे में भी लाया गया है।

