केंद्र सरकार ने पनगढ़िया को 16वें वित्त आयोग का चेयरमैन किया नियुक्त
केंद्र गवर्नमेंट ने नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया को बड़ी जिम्मेदारी दी है। केंद्र गवर्नमेंट ने रविवार को पनगढ़िया को 16वें वित्त आयोग का चेयरमैन नियुक्त किया। गवर्नमेंट ने एक नोटिफिकेशन में बोला कि वित्त मंत्रालय में संयुक्त सचिव ऋत्विक रंजनम पांडेय आयोग के सचिव होंगे। गवर्नमेंट के नोटिफिकेशन में आगे कहा गया, ”राष्ट्रपति नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष और कोलंबिया यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉ अरविंद पनगढ़िया को चेयरमैन बनाते हुए वित्त आयोग का गठन करके प्रसन्न हैं। आयोग के सदस्यों को अलग से अधिसूचित किया जाएगा।”
वित्त आयोग का क्या होगा काम
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पिछले महीने 16वें वित्त आयोग के संदर्भ की शर्तों (टीओआर) को स्वीकृति दी थी। वित्त आयोग केंद्र और राज्यों के बीच कर हस्तांतरण और राजस्व वृद्धि के तरीकों का सुझाव देने के अतिरिक्त आपदा प्रबंधन पहल के वित्तपोषण की वर्तमान प्रबंध की समीक्षा करेगा। आपको बता दें कि वित्त आयोग एक कानूनी निकाय है, जो केंद्र-राज्य वित्तीय संबंधों पर सुझाव देता है। एन के सिंह की प्रतिनिधित्व वाले पूर्ववर्ती 15वें वित्त आयोग ने सिफारिश की थी कि राज्यों को पांच वर्ष की अवधि 2021-22 से 2025-26 के दौरान केंद्र के विभाज्य कर पूल का 41 फीसदी दिया जाए।
भारत गवर्नमेंट ने किया था सम्मानित
भारत गवर्नमेंट द्वारा मार्च 2012 में अरविंद पनगढ़िया को पद्मभूषण से सम्मानित किया गया था। उनका जन्म 30 सितंबर 1952 में हुआ। विश्व बैंक, आईएमफ और अंकटाड जैसे विश्वस्तरीय संस्थानों में भिन्न-भिन्न पदों पर काम किया है। प्रोफेसर पनगढ़िया ने प्रिंसटन यूनिवर्सिटी से अर्थशास्त्र में पीएचडी किया है। डाक्टर पनगढ़िया अंतर्राष्ट्रीय सलाहकार बोर्ड भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के सदस्य रहे हैं।
हाल ही में कोलंबिया यूनिवर्सिटी के अर्थशास्त्र के अध्यापक रहे प्रो। पनगढ़िया को नालंदा यूनिवर्सिटी का कुलाधिपति (चांसलर) नियुक्त किया गया है। इसके पहले प्रो। पनगढ़िया नालंदा यूनिवर्सिटी के गवर्निंग बोर्ड के सदस्य रह चुके हैं।

