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छिंदवाड़ा से हैदरी दल के सोशल मीडिया मास्टरमाइंड अकबर खान को किया गया गिरफ्तार

बरेली पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा से हैदरी दल के सोशल मीडिया मास्टरमाइंड अकबर खान को अरैस्ट किया है. अकबर के बारे में पुलिस का दावा है कि वह इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर ऐसे अकाउंट्स चलाता था, जिनका मकसद राष्ट्र भर के मुसलमानों क

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हैदरी दल के नाम से अकबर कई इंस्टाग्राम अकाउंट्स चला रहा था. पुलिस के मुताबिक, वह पोस्ट्स और वीडियोज के जरिए मुसलमान युवाओं को भड़काता, फेक न्यूज फैलाता और धर्म विशेष के विरुद्ध अफवाहें गढ़ता था.

“देश के नाम पर जहर घोलने वालों का कनेक्शन अब सोशल मीडिया तक पहुंच चुका है. बरेली पुलिस ने छिंदवाड़ा से अरैस्ट किया वह शख्स, जो इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर ‘हैदरी दल’ बनकर बैठा था, दरअसल मुसलमानों को हिंदुओं के विरुद्ध भड़काने की षड्यंत्र रच रहा था. अकबर नाम का यह आरोपी लव जिहाद से लेकर फर्जी मुठभेड़ और बुलडोजर तक, हर मसले को तोड़-मरोड़कर पेश करता और हजारों युवाओं के दिमाग में नफरत का जहर भरता था. पुलिस अब पूछ रही है – आखिर इस नेटवर्क के पीछे और कौन-कौन है?”

पुलिस की बड़ी कार्रवाई, छिंदवाड़ा से मास्टरमाइंड गिरफ़्तार एसपी सिटी मानुष पारीक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अकबर खान मूल रूप से उत्तर प्रदेश के फतेहपुर का रहने वाला है, लेकिन उसका परिवार छिंदवाड़ा में बस गया. वहीं से वह इंस्टाग्राम के तीन बड़े एकाउंट – टीम हैदरी दल, हैदरी दल ऑफिशियल और राष्ट्रीय टीवी ऑपरेट करता था. इसके अतिरिक्त एक यूट्यूब चैनल और कई व्हाट्सएप ग्रुप भी चला रहा था.

एसपी सिटी मानुष पारीक ने बोला – “अकबर की पोस्ट्स का मकसद केवल एक था – मुसलमानों में गलतफहमी पैदा करना और उन्हें भड़काना. वह लिखता था कि मस्जिदों पर बुलडोजर चल रहे हैं, मुसलमान लड़कियों को हिंदू लड़के भगवा लव ट्रैप में फंसा रहे हैं और मुसलमानों का फर्जी मुठभेड़ हो रहा है. यह सब सुनियोजित अफवाहें थीं.

पहले भी पकड़े जा चुके हैं 5 आरोपी हैदरी दल के विरुद्ध पुलिस की कार्रवाई नयी नहीं है. इससे पहले बरेली पुलिस 5 आरोपियों को कारावास भेज चुकी है. यह पूरा मुद्दा थाना कोतवाली में दर्ज मुकदमा नंबर 291/25 से प्रारम्भ हुआ था. इसमें इल्जाम था कि हैदरी दल बरेली नाम से एकाउंट चलाने वाले लोग स्त्रियों की लज्जा भंग करने वाले पोस्ट डालते थे और धार्मिक सौहार्द बिगाड़ते थे.

उस समय मेटा कंपनी को भी रिपोर्ट भेजी गई थी और कई अकाउंट्स ब्लॉक कराए गए. लेकिन कुछ ही दिनों बाद वही अकाउंट्स नए नाम से फिर एक्टिव हो गए.

फेक न्यूज से फैलाते थे धार्मिक उन्माद पुलिस जांच में सामने आया कि अकबर और उसके साथियों की रणनीति बहुत घातक थी. किसी भी स्थान हुई घटना का वीडियो यूट्यूब से डाउनलोड करते और उसे बिना संदर्भ के दूसरी स्थान का बताकर डाल देते.

जैसे – यदि किसी शहर में किसी टकराव की घटना हुई, तो वीडियो को “बरेली में मुसलमानों पर हमला” कहकर फैलाया जाता. इसके कैप्शन में ऐसी लाइनें लिखी जातीं जिनसे लोगों का खून खौल जाए और वह गुस्से में आकर सड़कों पर उतर आएं.

  • इंस्टाग्राम से फैल रहा था ज़हर: बरेली पुलिस ने हैदरी दल के मुखिया को पकड़ा
  • फर्जी वीडियो, भड़काऊ पोस्ट और नफरत का कारोबार… अब सलाखों के पीछे मास्टरमाइंड अकबर
  • छिंदवाड़ा से चला रहा था नफरत की फैक्ट्री, बरेली पुलिस ने किया बड़ा खुलासा
  • सोशल मीडिया पर जहर घोलने वाले हैदरी दल का सबसे बड़ा ऑपरेटर गिरफ्तार

नया केस और बड़ी कार्रवाई 3 सितंबर को पुलिस ने इस नेटवर्क के विरुद्ध एक और केस दर्ज किया – मुकदमा नंबर 444/25. इसमें आईटी एक्ट की धारा 66 समेत कई गंभीर धाराएं लगाई गईं. जांच के दौरान पाया गया कि सबसे अधिक फॉलोवर्स वाला एकाउंट हैदरी दल ऑफिशियल छिंदवाड़ा से ऑपरेट हो रहा है.

इसके बाद बरेली पुलिस ने क्षेत्रीय पुलिस की सहायता से अकबर को हिरासत में लिया और पूछताछ के बाद अरैस्ट कर लिया.

सोशल मीडिया पर नेटवर्किंग अकबर अकेले काम नहीं कर रहा था. पुलिस के अनुसार वह देशभर में भिन्न-भिन्न जगहों से लोगों से जुड़ा हुआ था. व्हाट्सएप ग्रुप्स के जरिए वह नए लोगों को जोड़ता और उन्हें नफरत फैलाने वाले कंटेंट से प्रभावित करता.

एसपी सिटी ने साफ किया – “यह शख्स नेटवर्क बढ़ाने की फिराक में था. हमने इसकी गतिविधियों को ट्रैक किया और जब सबूत पुख्ता मिले तो इसे अरैस्ट किया गया. अब इसके संपर्क में रहे बाकी लोगों की तलाश की जा रही है.

कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी पुलिस लाइन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसपी सिटी मानुष पारीक ने बोला – “हैदरी दल के विरुद्ध हमारी कार्रवाई लगातार जारी है. पहले भी पांच लोग कारावास जा चुके हैं. अब अकबर को अरैस्ट किया गया है. आगे जो भी लोग इस नेटवर्क से जुड़े होंगे, उनके विरुद्ध भी कठोर कानूनी कार्रवाई होगी. बरेली पुलिस किसी भी मूल्य पर समाज में नफरत फैलाने वालों को बख्शेगी नहीं.

नफरत की फैक्ट्री या बाहरी साजिश? अब सबसे बड़ा प्रश्न यही है कि हैदरी दल का वास्तविक मकसद क्या था. क्या यह केवल कुछ लोगों की लोकप्रियता पाने की चाल थी या इसके पीछे कोई संगठित षड्यंत्र चल रही थी? पुलिस को संदेह है कि अकबर जैसे लोग देशभर में बैठे नेटवर्क का हिस्सा हैं, जो सोशल मीडिया को हथियार बनाकर सांप्रदायिक तनाव फैलाना चाहते हैं.

फिलहाल अकबर को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. पुलिस उसकी कॉल डिटेल और चैट हिस्ट्री खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह किन-किन लोगों से जुड़ा था. साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि उसके अकाउंट्स को किन शहरों से सबसे अधिक फॉलो किया जा रहा था.

हैदरी दल मुकदमा केवल बरेली, उत्तर प्रदेश और एमपी तक सीमित नहीं है. यह उस खतरे की घंटी है, जो बताती है कि सोशल मीडिया के जरिये राष्ट्र में गृह युद्ध जैसे हालत पैदा किये जा सकते है. वो भी उस समय जब पड़ोसी राष्ट्र नेपाल में गृह युद्ध छिड़ा हुआ है.

पुलिस की कार्रवाई से फिलहाल एक बड़ा चेहरा बेनकाब हुआ है, लेकिन जांच अभी अधूरी है. आने वाले दिनों में साफ हो जाएगा कि यह अकेले अकबर की षड्यंत्र थी या इसके पीछे कोई और भी खड़ा है.

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