दिल्ली में पुलिस कंट्रोल रूम के चंगुल से निकले आरोपी की हुई मौत, जानें क्या है मामला
Drunk man jumps from Police Vehicle : राष्ट्र की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पुलिस कंट्रोल रूम (PCR) के चंगुल से निकले आरोपी की मृत्यु हो गई है। पुलिस की चलती वाहन से कूदने से बुरी तरह घायल आदमी की जान बचाने के लिए उसे एक के बाद एक 4 सरकारी हॉस्पिटल ले जाया गया। हर हॉस्पिटल वालों ने उसे वापस लौटा दिया। अंत में पुलिस उसे पहले वाले सरकारी हॉस्पिटल में भर्ती करने के लिए ले जा रही थी, लेकिन रास्ते में उसने दम तोड़ दिया।

दिल्ली पुलिस के अनुसार, न्यू उस्मानपुर के शांति मोहल्ले में एक स्त्री ने आरोपी प्रमोद पर छेड़छाड़, गाली-गलौज और पिटाई करने का इल्जाम लगाया था। जब पुलिस ने आरोपी को पकड़ा था, उस समय वह नशे में था। आरोपी पीसीआर की वाहन के पीछे बैठा था और सारे पुलिस वाले आगे बैठे थे। रास्ते में आरोपी पुलिस की चलती वाहन की खिड़की खोली और बाहर कूद गया। सड़क पर गिरने की वजह से वह गंभीर रूप से घायल हो गया था और उसके सिर पर गंभीर चोटें आई थीं।
आरोपी ने उल्टी करने के बहाने खोली थी वाहन की खिड़की
नॉर्थ-ईस्ट के डीसीपी जॉय टिर्की का बोलना है कि जब पीसीआर की टीम आरोपी को लेकर थाने पहुंचने वाली थी, तभी आरोपी प्रमोद ने उल्टी के बहाने चलती वाहन की खिड़की खोली और फिर बाहर कूद गया। इसके बाद पुलिस उसे जग प्रवेश चंद्र (JPC) हॉस्पिटल ले गई, जहां डॉक्टरों ने उसे जीटीबी हॉस्पिटल रेफर कर दिया। डीसीपी ने बोला कि आरोपी को एम्बुलेंस से जीटीबी हॉस्पिटल ले जाया गया, लेकिन वहां सीटी-स्कैन की सुविधा नहीं थी और उसे एलएनजेपी हॉस्पिटल भेज दिया गया।
दिल्ली के सरकारी अस्पतालों ने भर्ती करने से किया मना
जब पुलिस वाले आरोपी को लेकर एलएनजेपी पहुंचे तो वहां बेड नहीं था। एलएनजेपी ने भी उसे भर्ती करने से इनकार कर दिया। इसके बाद उसे राम मनोहर लोहिया हॉस्पिटल ले गए, लेकिन उन्होंने भी वापस लौटा दिया। पूरी रात अस्पतालों के चक्कर लगाने के बाद पुलिस उसे लेकर वापस जेपीसी हॉस्पिटल आई, लेकिन रास्ते में उसकी मृत्यु हो गई। डीसीपी जॉय टिर्की का बोलना है कि कोई भी हॉस्पिटल उसे उपचार देने के लिए तैयार नहीं हुआ। पुलिस ने मृतशरीर को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
दिल्ली गवर्नमेंट ने अस्पतालों से मांगा स्पष्टीकरण
इस मुद्दे में दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज ने बोला कि सरकारी अस्पतालों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। क्षेत्रीय पुलिस ने पीसीआर यूनिट को पत्र लिखकर वाहन में आरोपी के साथ उपस्थित पुलिसवालों के विरुद्ध कार्रवाई करने के लिए बोला है।

