देश में 561 कैदी झेल रहे मौत की सजा, मृत्युदंड के चार कैदियों को सुप्रीम कोर्ट ने किया रिहा

रिपोर्ट के अनुसार, उच्चतम न्यायालय ने मृत्युदंड की अपील में चार कैदियों को रिहा कर दिया क्योंकि न्यायालय को सुनवाई के दौरान पता चला कि क्राइम के समय दोनों आरोपी बच्चे थे. मृत्युदंड के दो मामलो को दोबारा ट्रायल और हाई कोर्ट भेज दिया गया. साथ ही आपराधिक अपीलों में मृत्यु की सजा वाले तीन कैदियों की सजा को कम कर दिया. 2023 के अंतिम समय में ट्रायल न्यायालय ने 120 मृत्युदंड के निर्णय सुनाए. पिछले दो दशकों में 2023 में ही सबसे अधिक मृत्युदंड सुनाए गए.
भारतीय इन्साफ संहिता विधेयक के कारण मृत्युदंड में इजाफा
रिपोर्ट के मुताबिक, उच्च न्यायालयों ने 36 कैदियों को सभी आरोपों से बरी किया. फोरेंसिक सबूतों में खामियों और सजा देने में ढिलाई के लिए पांच कैदियों से जुड़े तीन मामलों को ट्रायल न्यायालय भेज दिया. भारतीय इन्साफ संहिता विधेयक के कारण मृत्युदंड के मुद्दे बारह से बढ़ाकर अठारह हो गए.

