बड़ी खबर! कतर की एक जेल में बंद आठ पूर्व भारतीय नौसैनिकों को किया रिहा
सोमवार सुबह एक बड़ी समाचार राष्ट्र के लोगों को मिली। दरअसल, कतर की एक कारावास में बंद आठ पूर्व भारतीय नौसैनिकों को रिहा कर दिया गया है। इनमें से सात हिंदुस्तान लौट आए हैं। इस मामले में जानकारी विदेश मंत्रालय की ओर से दी गई जिसके बाद पूरे राष्ट्र में खुशी की लहर दौड़ पड़ी। लोग इसे मोदी गवर्नमेंट की बड़ी जीत बता रहे हैं। विदेश मंत्रालय ने बोला कि कतर में हिरासत में लिए गए दहरा ग्लोबल कंपनी के लिए काम करने वाले आठ भारतीय नागरिकों की रिहाई का हिंदुस्तान गवर्नमेंट स्वागत करती है। आगे मंत्रालय ने कहा कि रिहा किए गए आठ हिंदुस्तानियों में से सात हिंदुस्तान लौट चुके हैं। हम इन नागरिकों की रिहाई और घर वापसी के लिए कतर के अमीर के निर्णय की सराहना करते हैं।
कतर के अमीर की बात करें तो हिंदुस्तान के पीएम मोदी की मुलाकात इनसे कुछ दिन पहले हुई थी। कतर में पूर्व भारतीय नौसैनिकों को मृत्यु की सजा दिए जाने के बाद हिंदुस्तान की गवर्नमेंट हरकत में आ गई थी। हिंदुस्तान की ओर से कतर के न्यायालय की फांसी वाली सजा पर विरोध जताई गई थी। यही नहीं पूर्व भारतीय नौसैनिकों को हर संभव सहायता की भी घोषणा की गई थी। इस बीच पिछले वर्ष दिसंबर की आरंभ में पीएम मोदी ने कतर के शासक शेख तमीम बिन हमद अल थानी से मुलाकात की थी जिसके बाद अच्छी समाचार आने लगी थी। पहले कतर में पूर्व भारतीय नौसैनिकों की मृत्यु की सजा पर रोक लगाने की समाचार आई और अब 8 पूर्व भारतीय नौसैनिकों की रिहाई की समाचार आई है। यानी प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी की एक मुलाकात ने पूरा खेल ही बदल दिया।
भारत पहुंचने के बाद कहे पूर्व नौसैनिक- थैंक्स मोदी सरकार
कतर से लौटे पूर्व भारतीय नौसेना कर्मियों में से एक ने वतन वापसी पर खुशी जाहिर की। उन्होंने बोला कि पीएम मोदी ने हस्तक्षेप किया जिस वजह से हम आज यह दिन देख पा रहे हैं। उनकी वजह से ही हम आज हिंदुस्तान लौट सके हैं। यह हिंदुस्तान गवर्नमेंट के लगातार प्रयासों की वजह से संभव हो पाया है। वहीं एक अन्य ने बोला कि हमने हिंदुस्तान वापस आने के लिए करीब 18 महीने तक प्रतीक्षा किया। हम पीएम मोदी के बहुत आभारी हैं। यह उनके पर्सनल हस्तक्षेप के कारण ही हो सका है। हम हिंदुस्तान गवर्नमेंट द्वारा किए गए हर कोशिश के लिए तहे दिल से आभारी हैं।
मोदी गवर्नमेंट की एक बड़ी जीत
यहां चर्चा कर दें कि नौसेना के आठ पूर्व कर्मियों को जासूसी के इल्जाम में अगस्त 2022 में अरैस्ट किया गया था। इसके बाद कतर की एक न्यायालय ने उन्हें मृत्यु की सजा सुनायी थी। इस समाचार के बाद राष्ट्र के लोग मायूस हो गये थे लेकिन मोदी गवर्नमेंट की मेहनत काम आई और सभी कतर की कारावास से रिहा करा लिये गये। यह हिंदुस्तान और मोदी गवर्नमेंट की एक बड़ी जीत है।

