राष्ट्रीय

ब्राह्मणों, क्षत्रियों और वैश्यों की सेवा करना शूद्रों का स्वाभाविक कर्तव्य है :हिमंत बिस्वा

नई दिल्ली: सोशल मीडिया X पर एक ट्वीट करना असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा को इतना भारी पड़ा कि बाद में उन्हें अपने पोस्ट को डिलीट कर माफ़ी भी मांगना पड़ा है दरअसल उन्होंने लिखा था कि ब्राह्मणों, क्षत्रियों और वैश्यों की सेवा करना शूद्रों का स्वाभाविक कर्तव्य है फिर क्या था इस पोस्ट पर जबरदस्त टकराव खड़ा हो गया विपक्षी नेताओं ने इसे बीजेपी की मनुवादी विचारधारा करार दिया और इसकी घोर आलोचना कीNewsexpress24. Com himanta says sorry cm navabharat download 11zon 2023 12 29t112831. 737

WhatsApp Group Join Now

हालांकि इस टकराव के बाद हिमंत बिस्वा सरमा ने बीते गुरुवार को माफी मांगते हुए बोला कि यह भगवद गीता के एक श्लोक का गलत अनुवाद हुआ है जैसे ही मैंने गलती देखी मैंने तुरंत पोस्ट हटा दिया है दरअसल असम एक जातिविहीन समाज की एक आदर्श तस्वीर को दर्शाता है इस मामले में सीएम सरमा ने बोला है कि, “ट्वीट को अब हटा दिया गया है यदि किसी भी आदमी को ठेस पहुंची है तो मैं ईमानदारी से माफी मांगता हूं

इस मामले में उन्होंने बोला कि वह प्रतिदिन अपने सोशल मीडिया हैंडल पर हर सुबह भगवद गीता का एक श्लोक अपलोड करते रहे हैं अब तक उन्होंने 668 श्लोक अपलोड किए हैं जिस पोस्ट को डिलीट किया गया है उसमें भगवत गीता के श्लोक का अनुवाद करते हुए लिखा गया था, ‘खेती, गो पालक और व्यापार- ये वैश्यों के अंतर्निहित और स्वाभाविक कर्म हैं तथा ब्राह्मण, क्षत्रिय और वैश्य ये तीनों वर्णों की सेवा करना शूद्र का स्वाभाविक कर्म है

वहीं इस मामले में AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने बोला कि हिंदुत्व स्वतंत्रता, समानता, बंधुत्व और इन्साफ के उल्टा है यह उस दुर्भाग्यपूर्ण क्रूरता में परिलक्षित होता है जिसका असम के मुसलमानों ने पिछले कुछ वर्षों में सामना किया है वहीं कांग्रेस पार्टी ने भी पलटवार करते हुए पार्टी नेता पवन खेड़ा ने पूछा कि, क्या हमारे राष्ट्र के पीएम और राष्ट्रपति हिमंत बिस्वा की जातिवादी टिप्पणियों से सहमत हैं यह भी बोला गया कि, यदि दुसरे ऐसा कुछ उनसे कहेंगे तो वह अपनी पुलिस भेज देंगे ऐसी मूर्खतापूर्ण टिप्पणियों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है क्या राष्ट्रपति भवन और PMO हिमंत बिस्वा की जातिवादी टिप्पणियों से सहमत हैं? यदि नहीं तो क्या कारवाई की गई है

 

Back to top button