‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ का आगाज होगा रविवार से, इस बार इन मुद्दों पर चलेगी यात्रा
इंफाल: कांग्रेस पार्टी (Congress) रविवार से राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के नेतृत्व में मणिपुर (Manipur) से ‘भारत जोड़ो इन्साफ यात्रा (Bharat Jodo Nyay Yatra) प्रारम्भ करेगी जिसके जरिये उसका कोशिश होगा कि लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections 2024) में बेरोजगारी, महंगाई और सामाजिक इन्साफ से जुड़े मुद्दों को विमर्श के केंद्रबिंदु में लाए जाए। यह यात्रा 14 जनवरी को मणिपुर (Manipur) की राजधानी इंफाल (Imphal) के निकट थोबल (Thobal) से प्रारम्भ होगी और मार्च के तीसरे हफ्ते में मुंबई (Mumbai) में इसका समाप्ति होगा।

कांग्रेस का बोलना है कि लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections 2024) से पहले निकाली जा रही यह यात्रा 67 दिन में 15 राज्यों और 110 जिलों से होकर गुजरेगी। ‘भारत जोड़ो इन्साफ यात्रा’ के दौरान लगभग 6,700 किलोमीटर की दूरी तय की जाएगी। यात्रा ज्यादातर बस से होगी, लेकिन कहीं-कहीं पदयात्रा भी होगी।
‘भारत जोड़ो इन्साफ यात्रा’
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सात सितंबर 2022 से 30 जनवरी 2023 तक कन्याकुमारी से कश्मीर तक ‘भारत जोड़ो यात्रा’ निकाली थी। उनकी 136 दिन की इस पदयात्रा में 12 राज्यों और दो केंद्रशासित प्रदेशों के 75 जिलों और 76 लोकसभा क्षेत्रों से गुजरते हुए 4,081 किलोमीटर की दूरी तय की गई थी। कांग्रेस पार्टी का बोलना है कि ‘भारत जोड़ो इन्साफ यात्रा’ कोई चुनावी यात्रा नहीं है, बल्कि यह राष्ट्र के लिए इन्साफ की मांग करने से जुड़ी है।
राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम से एक हफ्ते पहले शुरुआत हो रही कांग्रेस पार्टी की इस यात्रा को लोकसभा चुनाव में बेरोजगारी, महंगाई और सामाजिक इन्साफ से जुड़ा विमर्श खड़ा करने के कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। राहुल गांधी ने शुक्रवार को दावा किया था कि बीजेपी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) असली मुद्दों से ध्यान भटकाकर भावनात्मक मुद्दों का सियासी दुरुपयोग कर रहे हैं। कांग्रेस पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने बोला कि जहां राहुल गांधी ने ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान ‘‘आर्थिक असमानताओं, ध्रुवीकरण और तानाशाही” के मुद्दों को उठाया था, वहीं ‘भारत जोड़ो इन्साफ यात्रा’ में राष्ट्र के लोगों के लिए आर्थिक, सामाजिक और सियासी इन्साफ की मांग पर ध्यान केन्द्रित किया जाएगा।
इन राज्यों से गुजरेंगे राहुल
‘भारत जोड़ो इन्साफ यात्रा’ मणिपुर, नगालैंड, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र से होकर गुजरेगी।
14 जनवरी से होगा आगाज
पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे 14 जनवरी को इंफाल के निकट से यात्रा को झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इस यात्रा को आनें वाले लोकसभा चुनावों के मद्देनजर सियासी रूप से जरूरी बताया जा रहा है। लोकसभा चुनाव अगले वर्ष अप्रैल-मई में होने की आसार है। पार्टी के संगठन महासचिव के। सी। वेणुगोपाल ने पिछले दिनों बोला था कि इस यात्रा में राष्ट्र की महिलाओं, युवाओं और वंचित समुदाय के लोगों से वार्ता की जाएगी।
मणिपुर से प्रारंभ क्यों?
कांग्रेस कार्य समिति की 21 दिसंबर को हुई बैठक में पार्टी नेताओं ने इस बात पर बल दिया था कि राहुल गांधी को पूरब से पश्चिम तक दूसरे चरण की यात्रा करनी चाहिए। इसके बाद यात्रा की घोषणा की गई है। यात्रा मणिपुर से प्रारंभ करने के कारण के बारे में पूछे जाने पर वेणुगोपाल ने बोला था कि यह राष्ट्र का जरूरी हिस्सा है और पार्टी इस पूर्वोत्तर राज्य के लोगों के ‘‘जख्मों पर मरहम” लगाने की प्रक्रिया प्रारम्भ करना चाहती है। मणिपुर में तीन मई को अत्याचार प्रारम्भ होने के बाद से कुकी और मेइती समुदाय के लोगों के बीच जातीय संघर्ष में 200 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और 60,000 से अधिक लोग बेघर हो चुके हैं।
क्या इंडिया’ गठबंधन ‘के नेताओं का मिलेगा साथ?
कांग्रेस ने ‘भारत जोड़ो इन्साफ यात्रा’ से जुड़ने के लिए विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ (इंडियन नेशनल डेमोक्रेटिक इंक्लूसिव अलायंस) के अपने सहयोगी दलों के नेताओं से आग्रह किया है। ‘भारत जोड़ो यात्रा’ में भी विभिन्न सियासी दलों के नेताओं ने भी हिस्सा लिया था। ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान गांधी ने 12 बैठकें एवं 100 से अधिक नुक्कड़ बैठकें की थीं और 13 संवाददाता सम्मेलनों को संबोधित किया था।

