मेहंदीपुर बालाजी धाम की श्रीमद् भागवत कथा में पहुंचे भजनलाल शर्मा और दीया कुमारी, सनातन धर्म को बताया सर्वोपरि
Rajasthan News: छोटी काशी जयपुर में धार्मिक कार्यक्रम के आयोजन की बहार देखने को मिल रही है। बुधवार को विद्याधर नगर में मेहंदीपुर बालाजी धाम के महंत डाक्टर नरेश पुरी ने श्रीमद् भागवत कथा का शुरुआत किया जो 9 जनवरी 2024 मंगलवार तक चलेगी। इस भागवत कथा में सीएम भजनलाल शर्मा और उप सीएम दीया कुमारी भी पहुंची थी। जहां उन्होंने संत-महात्माओं से आशीर्वाद लिया और सनातन धर्म को सर्वोपरि बताया।

हमारी संस्कृति विश्व में अनूठी है
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बोला कि सभी प्रश्नों के उत्तर भागवत में है। हमारा देश, हमारी संस्कृति और हमारा सनातन है इसलिए हम है। हमारी संस्कृति को मिटाने के लिए कई कोशिश हुए, लेकिन विरोधी कभी सफल नहीं हुए। इसलिए हमारी संस्कृति विश्व में अनूठी है। उन्होंने आगे बोला कि 22 जनवरी हमारे लिए गर्व का दिन है। राम मंदिर के लिए बड़ा संघर्ष करना पड़ा। निश्चित रूप से सनातन संस्कृति की जीत हुई।
बच्चों को रामायण और गीता के श्लोक सिखाएं
मेहंदीपुर बालाजी धाम के महंत डाक्टर नरेश पुरी ने कहा भागवत विश्व विख्यात है। इस कार्यक्रम में कथावाचक मृदुल कृष्ण शास्त्री से दोबारा मेरी भेंट हुई है। इनकी मेरे ऊपर बहुत स्नेह और कृपा रही है। उन्होंने बोला कि मैं तो हनुमान जी का भक्त हूं और उन्हीं का बालक हूं। हनुमान जी के आशीर्वाद से मेरे सभी काम आगे बढ़ते जा रहे हैं। डाक्टर नरेश पुरी ने आगे बोला कि हम सभी को रामायण और गीता के श्लोक बच्चों को सिखाने चाहिए, जिससे उनमें संस्कार आए। लेकिन आजकल की युवा पीढ़ी अंग्रेजी की पोयम बच्चों को सिखा रही है, जिससे बच्चे संस्कार हीन हो रहे हैं। बच्चों में जब संस्कार होंगे, तभी वह अपने माता-पिता सहित अन्य के प्रति आदर रेट मन में पैदा कर सकते हैं।
22 जनवरी दीप महोत्सव का दिन है
महंत नरेश पुरी ने बोला कि 22 जनवरी हम सबके लिए दीप महोत्सव का दिन है। इस पावन दिन सभी लोग अपने घरों में दीपक जरूर जलाएं। इसके साथ ही नाचे, गाए और श्री राम का महोत्सव मनाएं। इस दिन पूरे विश्व को ऐसा लगना चाहिए कि हिंदुस्तान आज राममय राम राज्य की ओर अग्रसर हो रहा है। दिवाली के दिन लक्ष्मी माता की पूजा तो सभी लोग करते हैं, लेकिन 22 तारीख को ईश्वर श्री राम की पूजा कर दिवाली से भी बढ़कर यह पर्व मनाए, जिससे सनातन संस्कृति बनी रहे।

