शराब घोटाले में नहीं होगी BRS नेता कविता की गिरफ़्तारी, सुप्रीम कोर्ट ने फिर लगाई रोक
BRS नेता के कविता को उच्चतम न्यायालय से राहत मिली है, क्योंकि न्यायालय ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा गिरफ्तारी और समन जारी करने से उनकी सुरक्षा 16 फरवरी तक बढ़ा दी है, जब उनके मुद्दे की अगली सुनवाई होगी। जांच एजेंसी ने न्यायालय के समक्ष दलील दी कि कविता समन से बच रही है और जांच में शामिल नहीं हो रही है।

यह दूसरी बार है जब शीर्ष न्यायालय ने कविता को गिरफ्तारी से सुरक्षा प्रदान की है। पिछले वर्ष सितंबर में उच्चतम न्यायालय ने प्रवर्तन निदेशालय को आदेश दिया था कि जब तक समन को चुनौती देने वाले उनके मुद्दे की सुनवाई 20 नवंबर को नहीं हो जाती, तब तक उन्हें पूछताछ के लिए नहीं बुलाया जाएगा। कविता की याचिका में तर्क दिया गया है कि किसी स्त्री को पूछताछ के लिए कार्यालय में नहीं बुलाया जा सकता है और सीआरपीसी के मुताबिक ऑफिसरों द्वारा उसके आवास पर पूछताछ की जानी चाहिए।
कविता ने अपनी याचिका में उच्चतम न्यायालय से प्रवर्तन निदेशालय को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) की धारा 50 के अनुसार समन के जरिए उसे बुलाने से रोकने के निर्देश देने की मांग की। BRS एमएलसी पर शराब कार्टेल ‘साउथ ग्रुप’ में शामिल होने का इल्जाम है, जिसने कथित तौर पर आम आदमी पार्टी (AAP) को घूस के रूप में लगभग 100 करोड़ रुपये का भुगतान किया था। यह भुगतान 2020-21 के लिए दिल्ली उत्पाद शुल्क नीति के अनुसार दिल्ली में एक बड़ा बाजार हिस्सा सुरक्षित करने के लिए किया गया था, जिसे अब समाप्त कर दिया गया है।
ED के एक समन में उनका सामना हैदराबाद के एक व्यवसायी, मुद्दे के आरोपी अरुण रामचंद्रन पिल्लई के बयानों से हुआ, जिनके कविता के साथ करीबी संबंध थे। प्रवर्तन निदेशालय ने बोला था कि “साउथ ग्रुप” में सरथ रेड्डी (अरबिंदो फार्मा के पूर्व प्रमोटर), मगुंटा श्रीनिवासुलु रेड्डी (आंध्र प्रदेश की ओंगोल लोकसभा सीट से वाईएसआर कांग्रेस पार्टी सांसद), उनके बेटे राघव मगुंटा, कविता और अन्य शामिल हैं।

