राष्ट्रीय

संसद का बजट सत्र आज से हुआ शुरू, सभी निलंबित सांसद भी होंगे शामिल

संसद का बजट सत्र आज यानी 31 जनवरी से प्रारम्भ हो रहा है लोकसभा चुनाव 2024 से पहले यह मोदी गवर्नमेंट के दूसरे कार्यकाल का अंतिम बजट सत्र होगा संसद का बजट सत्र आज यानी मंगलवार को प्रारम्भ होगा और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करेंगी मौजूदा लोकसभा का यह अंतिम सत्र है वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अप्रैल-मई में होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले 1 फरवरी को अंतरिम बजट पेश करेंगी नई गवर्नमेंट कार्यभार संभालने के बाद पूर्ण बजट पेश करेगी

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संसद का बजट सत्र आज यानी 31 जनवरी से प्रारम्भ हो रहा है और 9 फरवरी तक चलेगा राष्ट्रपति पहली बार नयी संसद को संबोधित करेंगे आज राष्ट्रपति के अभिभाषण के साथ सत्र की आरंभ होगी नई संसद में सुबह 11 बजे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का संबोधन होगा इससे पहले पीएम मोदी सुबह 10.15 बजे मीडिया से बात करेंगे माना जा रहा है कि जम्मू और कश्मीर से जुड़े वित्तीय बिल समेत कई अहम बिल सदन में पेश किए जाएंगे

संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने मंगलवार को सर्वदलीय बैठक में बोला कि सीतारमण जम्मू और कश्मीर के लिए भी बजट पेश करेंगी, जहां राष्ट्रपति शासन है जोशी ने बोला कि 9 फरवरी को खत्म होने वाले 17वीं लोकसभा के इस संक्षिप्त सत्र का मुख्य एजेंडा राष्ट्रपति का भाषण, अंतरिम बजट की प्रस्तुति और राष्ट्रपति के भाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा और पीएम मोदी का उत्तर है सरकार इस छोटे सत्र के दौरान हर मामले पर चर्चा के लिए तैयार है

आपको बता दें कि हर सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक बुलाने की परंपरा है सर्वदलीय बैठक में विभिन्न दलों के नेता उन मुद्दों पर प्रकाश डालते हैं जिन्हें वे संसद में उठाना चाहते हैं सरकार उन्हें अपने एजेंडे की झलक दिखाती है और उनका योगदान मांगती है

जिन 14 विपक्षी सांसदों को शीतकालीन सत्र के दौरान निलंबित कर दिया गया था और उनके मुद्दे विशेषाधिकार समितियों को भेजे गए थे, वे आज से प्रारम्भ होने वाले बजट सत्र में भाग ले सकेंगे संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने बोला कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ इन सांसदों के संबंध में गवर्नमेंट के निवेदन पर सहमत हो गए हैं लोकसभा और राज्यसभा की संबंधित विशेषाधिकार समितियों ने सिफारिश की थी कि शीतकालीन सत्र के दौरान अपने व्यवहार के लिए खेद व्यक्त करने के बाद सांसदों का निलंबन वापस लिया जाए

दोनों सदनों में कुल 146 विपक्षी सांसदों को निलंबित कर दिया गया इनमें 100 लोकसभा सदस्य और 46 राज्यसभा सदस्य थे इनमें से 132 सांसदों का निलंबन शीतकालीन सत्र के लिए था, लेकिन 14 सांसदों के मुद्दे दोनों सदनों की विशेषाधिकार समितियों को भेजे गए थे

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