सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए लड़कियों को लगेगा टीका, बजट में हेल्थकेयर सेक्टर्स के लिए हुआ ऐलान
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मोदी गवर्नमेंट के दूसरे कार्यकाल का अंतिम और अंतरिम बजट पेश किया जिसमें हेल्थकेयर सेक्टर को भी कई तोहफे दिए हैं। वैसे हिंदुस्तान में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने की हमेशा आशा की जाती है, इसलिए लोगों को भी गवर्नमेंट से कई आशाएं थीं। आइए जानते हैं इस क्षेत्र के लिए बजट में क्या-क्या है।

सर्वाइकल कैंसर के विरुद्ध जंग
भारत में सर्वाइकल कैंसर के उपचार को किफायती दामों में उपलब्ध कराने को लेकर काफी आशा की जाती है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अंतरिम बजट 2024 में इसको लेकर बड़ा घोषणा किया है। उन्होंने कहा, ‘सरकार 9-14 वर्ष की लड़कियों को सर्वाइकल कैंसर के विरुद्ध टीकाकरण पर बल देगी।’
हेल्थ मिनिस्ट्री ने पिछले वर्ष जून में 9 से 14 वर्ष की लड़कियों के लिए नेशनल इम्यूनाइजेशन प्रोग्राम में सर्वाइकल कैंसर के विरुद्ध एचपीवी वैक्सीन (HPV Vaccine) को शामिल करने के अपने इरादे पर बल दिया था, जिसके लिए अप्रैल 2024 में एक ग्लोबल टेंडर जारी होने की आशा है।
विदेशों से आती है वैक्सीन
मौजूदा समय में हिंदुस्तान ह्यूमन पैपिलोमा वायरस की वैक्सीन के लिए पूरी तरह विदेशी उत्पादकों पर निर्भर है। ग्लोबल लेवल पर 3 फॉरेन फर्म एचपीवी के टीके तैयार करते हैं, जिसमें से 2 तरह की वैक्सीन की डोजेज हिंदुस्तान में बेची जाती है। इनकी तकरीबन 4000 रुपये।
सर्वाइकल कैंसर से कितनी मौत?
भारत में दुनिया की 16 प्रतिशत महिलाएं रहती हैं, लेकिन वर्ल्ड के चौथाई सर्वाइकल कैंसर की रोगी यहां हैं, जिसमें ग्लोबल सर्वाइकल कैंसर का एक तिहाई डेथ इण्डिया में ही होते हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक हर वर्ष हमारे राष्ट्र में 80 हजार स्त्रियों को ये रोग होती है, जिसमें से 35 हजार स्त्रियों की जान चली जाती है।
बजट में हेल्थकेयर सेक्टर्स के लिए क्या घोषणा हुआ
1. देश में कई नए हॉस्पिटल खोलने का घोषणा किया गया है जिससे लोगों को बेहतर सेवाएं मिल सके, इन हॉस्पिटल में सभी तरह की सुविधाएं दी जाएगी।
2. टीकाकरण के प्रबंधन के लिए तैयार किया गया नया यू-विन प्लेटफॉर्म और मिशन इंद्रधनुण की कोशिशोम को पूरे राष्ट्र में तेजी से प्रारम्भ किया जाएगा।
3. केंद्र गवर्नमेंट के अहम योजना ‘आयुष्माण भारत’ के बारे में बोला गया कि इस योजना के भीतर स्वास्थ्य देखरेक सुरक्षा में सभी आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को भी शामिल किया जाएगा।
सरकार ने की स्वयं की तारीफ
इसके अतिरिक्त गवर्नमेंट ने अपनी पीठ थपथपाते हुए बोला कि नेशनल एजुकेशन पॉलिसी से काफी बदलाव आया है। 7 आईआईटी, 11 आईआईआईटी और 15 एम्स हॉस्पिटल बनाए गए हैं।

