सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और अन्य से माँगा जवाब
Supreme Court notice to Ajit Pawar: उच्चतम कोर्ट ने ‘घड़ी’ चुनाव चिह्न के इस्तेमाल को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी पार्टी (NCP) के शरद पवार नीत खेमे की याचिका पर बृहस्पतिवार को महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और अन्य से उत्तर मांगा. हालांकि न्यायालय ने पवार गुट की ‘घड़ी’ चुनाव पर रोक लगाने की मांग को खारिज कर दिया. इसे अजित पवार खेमे के लिए राहत की बात कह सकते हैं, लेकिन उन्हें डिस्क्लेमर के साथ चुनाव चिह्न ‘घड़ी’ का प्रयोग करना होगा. इसमें साफ करना होगा कि ‘घड़ी’ का इस्तेमाल न्यायालय में टकराव का विषय है. 
नया हलफनामा दाखिल करने के निर्देश : न्यायमूर्ति सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन न्यायाधीशों की पीठ ने उपमुख्यमंत्री और अन्य को नोटिस जारी किए तथा याचिका पर उनका उत्तर मांगा. शीर्ष न्यायालय ने अजित पवार को कोर्ट के 19 मार्च और 24 अप्रैल के निर्देशों को लेकर एक नया हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया. शरद पवार की पार्टी का चुनाव चिह्न ‘तुरही बजाता हुआ आदमी’ है.
न्यायालय ने अजित पवार को निर्देश दिया कि वह 19 मार्च और 24 अप्रैल को दिए गए उसके निर्देशों को लेकर एक नया हलफनामा दाखिल करें, जिसमें बोला जाए कि ‘राकांपा’ का ‘घड़ी’ चुनाव चिह्न कोर्ट में विचाराधीन है और राज्य विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया के दौरान भी इस बात का सावधानीपूर्वक अनुपालन किया जा रहा है.
अदालत ने पवार गुट को दी चेतावनी : शीर्ष न्यायालय शरद पवार नीत खेमे की एक याचिका पर सुनवाई कर रही है जिसमें दावा किया गया है कि कोर्ट के आदेश का अजित पवार समूह द्वारा पालन नहीं किया जा रहा है. न्यायालय ने पवार गुट को 6 नवंबर तक नया हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है. न्यायालय ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि हमें लगता है कि हमारे आदेश का उल्लंघन जानबूझकर किया जा रहा है तो हम स्वत: संज्ञान लेकर अवमानना की कार्रवाई प्रारम्भ कर सकते हैं.

