सुप्रीम कोर्ट से अरुणाचल प्रदेश के निर्दलीय विधायक कारिखो को मिली है बड़ी राहत
सुप्रीम न्यायालय ने मंगलवार को 2019 में अरुणाचल प्रदेश की तेजू विधानसभा सीट से निर्दलीय विधायक चुने गए कारिखो के निर्वाचन को बरकरार रखा। न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस और न्यायमूर्ति संजय कुमार की पीठ ने गुवाहाटी उच्च न्यायालय की ईटानगर पीठ के 17 जुलाई, 2023 के निर्णय को रद्द कर दिया। उच्चतम न्यायालय ने लोहित जिले की तेजू सीट से कारिखो के निर्वाचन को अमान्य घोषित कर दिया था।

सुप्रीम न्यायालय से मिली राहत
सुप्रीम न्यायालय ने उच्च न्यायालय के निर्णय के विरुद्ध कारिखो की अपील पर गौर किया और बोला कि चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को उनके स्वामित्व वाली प्रत्येक चल संपत्ति का खुलासा करने की जरूरत नहीं है, जब तक कि वे काफी कीमती या अय्याशी भरा जीवनशैली को न दर्शाती हो। इससे पहले उच्चतम न्यायालय का निर्णय तत्कालीन कांग्रेस पार्टी उम्मीदवार एन। तयांग द्वारा दाखिल एक चुनाव याचिका पर आया था, जिसमें 2019 विधानसभा चुनाव रिज़ल्ट की घोषणा को चुनौती दी गई थी।
हाईकोर्ट ने किया था खारिज
हाई न्यायालय ने बोला था कि कारिखो ने अपना नामांकन पत्र लोक अगुवाई अधिनियम, 1951 की धारा 33 के मुताबिक जमा नहीं किया था और इसलिए, उनका नामांकन पत्र धारा 36 (2) (बी) के अनुसार खारिज किया जा सकता है। तयांग ने इल्जाम लगाया था कि कारिखो ने अपने नामांकन पत्र में यह खुलासा नहीं करके झूठी घोषणा की थी कि ईटानगर के सेक्टर ई में स्थित ‘एमएलए कॉटेज नंबर-1’ नामक सरकारी आवास उनके पास है।
यह इल्जाम लगाया गया था कि कारिखो ने सरकारी आवास के किराए, बिजली शुल्क, जल शुल्क और टेलीफोन शुल्क के लिए संबंधित विभाग से ‘अनापत्ति प्रमाणपत्र’ लेकर जमा नहीं किया था। विधानसभा चुनाव 11 अप्रैल, 2019 को हुआ और रिज़ल्ट 27 मई को आया, जिसमें कारिखो को एक निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में विजेता घोषित किया गया।

