सुरक्षित बचाई गई चार दिनों से लापता 17 वर्षीय बालिका
कोटा शहर की मानव स्मग्लिंग विरोधी यूनिट द्वारा शहर के विज्ञान नगर थाना क्षेत्र से चार दिनों से लापता नाबालिग बालिका को झालावाड़ जिले के पचोला खेड़ा गांव से रेस्क्यू कर लिया है. नाबालिग से काउंसलिंग की जा रही है.

सिटी एसपी डाक्टर अमृता दुहन ने कहा कि 17 फरवरी को हरिजन बस्ती इन्द्रा कोलोनी कॉलोनी निवासी परिवादी द्वारा थाना विज्ञाननगर पर लिखित रिपोर्ट दी थी कि उसकी 17 वर्षीय बेटी सुबह 8 बजे घर से बिना बताये कही चली गई. इस पर प्रकरण दर्ज कर गुमशुदा नाबालिग की तलाश शुरू की गई.
मामला नाबालिग बालिका का होने से मुद्दे को गम्भीरता से लिया गया. नाबालिग की दस्तयाबी के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक स्त्री क्राइम एवं अनुसंधान सैल कालु राम वर्मा के निर्देशन तथा प्रभारी मानव स्मग्लिंग विरोधी युनिट एसआई बबीता चौधरी के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया. गठित टीम द्वारा नाबालिग की तलाश में परिजनो से जरूरी जानकारी प्राप्त की गई.
संदिग्धों से पूछताछ कर सीसीटीवी फुटेज चैक किये गये. तकनीकी आसूचना संकलन, मुखबीरों और सम्पर्क सूत्रों से गुमशुदा नाबालिग बालिका और संदिग्धों के सम्बन्ध में जरूरी जानकारी प्राप्त की गई. जिनके आधार पर नाबालिग के कोटा से झालावाड़ जिले के पचौला-खेडा गांव पहुचने की पुख्ता जानकारी मिली.
इस पर मानव स्मग्लिंग विरोधी युनिट की टीम तुरन्त उक्त गांव पहुंची. जहां टीम द्वारा अथक कोशिश कर शुक्रवार को नाबालिग बालिका को गांव से रेस्क्यु किया गया. जिसे टीम ने कोटा लाकर थानाधिकारी विज्ञान नगर को अनुसंधान के लिए सुपुर्द किया. नाबालिग से कांउसलिंग की जा रही है, कांउसलिंग के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जावेगी.
चार दिनों से गुम नाबालिग को सूझबूझ, दूरदर्शिता तथा तकनीकी आसुचना के जरिये रेक्स्यु कर परिजनों की खोई हुई खुशियां लौटाने का सराहनीय कार्य करने वाली टीम में प्रभारी बबीता चौधरी सहित हेड कांस्टेबल केशव सिंह, कांस्टेबल दिनेश और स्त्री कांस्टेबल मंजू शामिल थी.

