2 पाकिस्तानियों ने लांघी सीमा, तो BSF ने उठाया यह बड़ा कदम
BSF: पंजाब के गुरदासपुर जिले के भीतर आने वाले घनियाका बेट गांव से सटी भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (बीएसएफ) के जवान अपनी पैनी निगाह बनाए हुए थे। 14 मई की सुबह करीब 10 बजे सीमा सुरक्षा बल के सावधान जवानों को दो संदिग्ध शख्स पाकिस्तान की तरफ से आते हुए नजर आए। दोनों संदिग्ध शख्स इंटरनेशनल बॉर्डर को पार कर भारतीय सीमा में आने वाली बॉर्डर फेंसिंग की तरफ बढ़ रहे थे।

बीएसएफ के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, बॉर्डर फेंसिंग के बहुत करीब आने पर सीमा सुरक्षा बल के जवानों की बंदूखें तन गईं और फिर दोनों संदिग्ध युवकों को चैंलेंज किया गया। बिना समय गंवाए सीमा सुरक्षा बल की टीम मौके पर पहुंची और दोनों संदिग्ध युवकों को अपनी हिरासत में ले लिया। पूछताछ में पता चला कि हिरासत में लिए गए दोनों शख्स मूल रूप से पाकिस्तान के नागरिक है। साथ ही, तलाशी के दौरान दोनों के कब्जे से कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला है।
क्या थे भारतीय सीमा में दाखिल होने का इरादा?
बीएसएफ के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, दोनों पाकिस्तानी नागरिकों को सुबह करीब 10 बजकर 10 मिनट पर हिरासत में लिया गया था। पूछताछ के दौरान दोनों ने कहा कि उन्हें इंटरनेशनल बॉर्डर के एलाइनमेंट के बारे में नहीं पता था। जिसके चलते, दोनों गलती से पाकिस्तान की सीमा पार कर भारतीय सीमा में प्रवेश कर गए हैं। पूछताछ के दौरान, सीमा सुरक्षा बल को कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला, जिसके बाद इनके मामले में पाकिस्तान रेंजर्स को सूचना दे दी गई।
बीएसएफ ने पाक रेंजर्स को कैसे दिखाया आइना?
पूछताछ पूरी होने के बाद सीमा सुरक्षा बल ने इन दोनों पाकिस्तानी नागरिकों के मामले में पाकिस्तान रेंजर्स के ऑफिसरों को सूचना दी। फ्लैग मीटिंग के दौरान, इंटरनेशनल बॉर्डर की चौकसी को लेकर सीमा सुरक्षा बल ने पाकिस्तानी रेंजर्स को न सिर्फ़ आइना दिखाया, बल्कि बिना रोक-टोक इंटरनेशनल बॉर्डर पर पाकिस्तानी नागरिकों की आवाजाही को लेकर नाराजगी जाहिए की। हालांकि इसी बीच, सीमा सुरक्षा बल ने इन्सानियत के अनुसार दोनों नागरिकों को पाक रेंजर्स को सौंपने का निर्णय ले लिया।
बीएसएफ ने पाक को पढ़ाया इन्सानियत का पाठ
बीएसएफ के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, निर्णय के अनुसार 14 मई 2024 की शाम लगभग 05:29 बजे दोनों पाकिस्तानी नागरिकों को मानवीय आधार और सद्भावना के अनुसार पाक रेंजर्स को सौंप दिया गया। सीमा सुरक्षा बल के इस कदम पर दोनों पाकिस्तानी नागरिकों ने भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के प्रति आधार व्यक्ति किया है। सीमा सुरक्षा बल के अनुसार, वह सीमा की चौकसी के साथ मानवीय मूल्यों और सद्भावना के प्रति भी बहुत संवेदशनशील है।

