सोन नदी में नहाने के दौरान डूब गए 5 बच्चे
बिहार के रोहतास में बड़ दुर्घटना हो गया। यहां सोन नदी में नहाने गए 5 बच्चे डूब गए। इनमें से चार बच्चे झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले नंदू के थे। घटना के समय नंदू भी रोहतास में ही था। हादसे के बाद नंदू और उसके परिवार का बुरा हाल है। वहीं, रांची में नंदू के संबंधियों को भी बुरा हाल है। सभी इतने दुखी हैं कि उन्होंने जीवन भर दुर्गा पूजा नहीं मनाने का फैसला ले लिया है।

झारखंड की राजधानी रांची के डोरंडा के पोखर टोली में रहने वाले इलेक्ट्रीशियन नंदू गोंड एवं उनके परिवार के लिए यह दुर्गा पूजा किसी त्रासदी से कम नहीं साबित हुई। दरअसल, नंदू के चार बच्चे थे। दुर्गा पूजा मनाने के लिए सभी नूंद के साथ अपने गांव बिहार गए थे। वहां रोहतास थाना क्षेत्र के तुंबा गांव में नंदू का ससुराल था, जहां बच्चे नानी घर में दुर्गा पूजा मनाने वाले थे। लेकिन नियति को शायद कुछ और मंजूर था।
अब त्योहार का कोई मतलब ही नहीं
रांची के डोरंडा वाले घर में नंदू के भाभी-भाई और उनके परिजन सदमे में हैं। लोकल 18 से वार्ता के दौरान नंदू की भाभी ने बताया, अभी 15 दिन पहले ही उनसे मुलाकात हुई थी। सब लोगों ने मिलजुल कर खाना खाया, लेकिन हमें नहीं पता था कि यह अंतिम मुलाकात होगी। अब जीवन में हमारे घर में कभी भी दुर्गा पूजा नहीं मनाई जाएगी। अब किसी त्योहार का कोई मतलब ही नहीं रह गया।
ऐसे हुआ हादसा
भाभी ने आगे कहा कि दरअसल चारों बच्चे अपने पिता नंदू के साथ नहाने के लिए गए थे। सबसे छोटा बेटा पवन (7) का पैर फिसला और वह डूबने लगा। उसी को बचाने के चक्कर में पीछे सारे बच्चे पानी में कूद गए। सभी डूब गए। हमने चारों बच्चों को गोदी में खिला कर बड़ा किया है, यह काफी बड़ा सदमा है।
सबसे छोटी बेटी का नहीं मिला शव
दरअसल, पवन को डूबता देख उनके पीछे उनके भाई-बहन जिसमें बेटी नव्या (12) , निधि (14) और गुनगुन (9) डूबे। इसके अतिरिक्त तीन और बच्चे जिनमें नंदू के साले कृष्ण जिनके एक पुत्र राजू और सम्बन्धी हीरा के दो पुत्र विवेक और राजा थे। ये सातों ही डूब गए, जिनमें से राजा किसी तरह जान बचाकर बाहर निकल आया। एनडीआरएफ की टीम ने पांच मृतशरीर को तो निकाल लिया, जिनमें नंदू के तीन बच्चों के मृतशरीर भी शामिल हैं। कल शाम उनका आखिरी संस्कार कर दिया गया है। लेकिन, अभी तक छोटी बेटी गुनगुन का मृतशरीर बरामद नहीं हुआ है, जिसकी तलाश जारी है।
नंदू ने की सुसाइड की कोशिश
नंदू के सम्बन्धी ने बताया, वीडियो कॉल पर उनसे बात हुई। लेकिन वह किसी को पहचान ही नहीं पा रहे हैं। वह मुझे भी नहीं पहचान रहे हैं। वह कह रहे हैं, कौन हो तुम और उनकी मानसिक स्थिति फिलहाल ऐसी है कि वह दो बार सुसाइड करने की प्रयास कर चुके हैं। आसपास के लोगों ने देखकर उन्हें बचाया और हर एक आदमी को देखकर बोल रहे हैं कि वह देखो वहां पर मेरा बच्चा खेल रहा है, वह तुरंत आएगा, वह कहीं नहीं गया है, चलो उसको लेकर आते हैं।

