61 साल के रिटायर्ड नर्सिंग ऑफिसर चिकित्सा सेवा देने के लिए हुए तैयार
भारत-पाकिस्तान के बीच चल रहे तनाव के बीच पाली ऐ एक सेवानिवृत्त नर्सिंग ऑफिसर का राष्ट्र के प्रति प्रेम और जज्बा देखने को मिला है. 61 वर्ष के उम्र में वे राष्ट्र के किसी भी कोने में जाकर चिकित्सा सेवा देने के लिए तैयार है. इसको लेकर उन्होंने बांगड़ हॉस्पिटल अधीक्ष
।
पाली शहर के शिवाजी नगर में 61 वर्ष के दयालाल भुंगरिया पुत्र नेनाराम भुंगरिया अपने परिवार के साथ रहते है. 31 जुलाई 2024 को पाली शहर के बांगड़ हॉस्पिटल से नर्सिंग अधीक्षक के पद से सेवानिवृत्त हुए है. उन्होंने कहा कि जॉब के दौरान उन्होंने ज्यादातर सेवा पाली जिले में ही दी है. पाली के बांगड़ हॉस्पिटल सहित वे राजसमंद, पावा, दादाई, नाडोल, बिलाड़ा फेकरिया, मांडावास, चांचोडी में सेवाएं दे चुके है.
घर बैठकर क्या करू, राष्ट्र को मेरी आवश्यकता है तो कही भी जाने को तैयार सेवानिवृत्त नर्सिंग अधीक्षक दयालाल भुंगरिया बताते है कि वर्तमान में भारत-पाकिस्तान के बीच जो हालात चल रहे है. उसके देख उनका भी खून खौल रहा है. बॉर्डर पर जाने का मौका तो नहीं मिल सकता इसलिए जो चिकित्सा सुविधा देने की क्वालिटी उनमें है उसका इस्तेमाल हो सके. घायलों का इलाज करने में वे भी अपना सहयोग दे सके. इस मंशा से 9 मई 2025 को बांगड़ हॉस्पिटल अधीक्षक डॉ HM चौधरी को लेटर दिया. जिसमें चिकित्सा क्षेत्र में उनकी सेवाओं की आवश्यकता हो तो वे राष्ट्र के किसी भी कोने में जाने को लिए तैयार है.
तीन में से दो लड़कियां सरकारी सेवा में भुंगरिया बताते है क उनके 3 लड़कियां और 1 लड़का है. सबसे बड़ी बेटी नीता बाड़मेर के बायतू में पीटीआई है. उसकी विवाह हो रखी है. उससे छोटी बेटी रिंकू बांगड़ हॉस्पिटल पाली में ही नर्सिंग ऑफिस है. उसकी भी विवाह कर रखी है. उससे छोटी बेटी भावना जयपुर में प्रतियोगिता परीक्षा की तैयार कर रही है. सबसे छोटे बेटे अमृत ने योगा में डिप्लोमा किया है और प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कर रहा है. पत्नी जशोदा देवी गृहणी है.
उनका लेटर मुख्यालय भेजा मुद्दे में बांगड़ हॉस्पिटल के अधीक्षक डॉ HM चौधरी ने कहा कि उनका सेवानिवृत्त नर्सिंग अधीक्षक भुंगरिया से मिला लेटर उन्होंने मुख्यालय भेज दिया है. आगे उनकी ओर से निर्णय लिया जाएगा.

