बेंगलुरु का एक परिवार अपने वैध वोटर आईडी कार्ड किए सार्वजनिक
बेंगलुरु. कांग्रेस पार्टी नेता राहुल गांधी के आरोपों के बाद बेंगलुरु का एक परिवार सामने आया है, जिसने अपने वैध वोटर आईडी कार्ड भी सार्वजनिक किए हैं. राहुल गांधी ने मतदाता सूची में ठीक से फोटो नहीं देख पाने के कारण कई वोटर्स को फर्जी मतदाता करार दिया था, जिसमें यह परिवार भी शामिल है. सूत्रों ने कहा कि चुनाव आयोग ने पुष्टि की है कि संबंधित आदमी वास्तविक मतदाता हैं.

राहुल गांधी ने इल्जाम लगाया था कि तीन लोगों का एक परिवार, जिसमें एक पुरुष और दो महिलाएं हैं, यह फर्जी मतदाता हैं, क्योंकि वह उनकी फोटोज़ नहीं देख पा रहे थे. हालांकि, तीनों व्यक्तियों की तस्वीरें, उनके जीपीएस-टैग वाले पते के साथ सोशल मीडिया पर सामने आई हैं.
तस्वीर में परिवार के सदस्य अपने आवास पर मतदाता आईडी प्रूफ दिखाते हुए नजर आ रहे हैं. चुनाव आयोग के सूत्रों ने कहा कि परिवार के तीन सदस्य ओम प्रकाश बागड़ी, सरस्वती देवी बागड़ी और माला बागड़ी हैं.
सूत्रों के मुताबिक, कर्नाटक के मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) ने राहुल गांधी से पर्सनल रूप से हलफनामा दाखिल करने के लिए इसलिए बोला क्योंकि वह पहले भी चुनाव आयोग (ईसीआई) पर लगाए गए आरोपों से मुकरते रहे हैं. सूत्रों ने बताया, “इस बार घोषणापत्र मांगने का कारण यह है कि इससे पहले उन्होंने कभी कोई स्व-हस्ताक्षरित पत्र जमा नहीं किया है.”
चुनाव आयोग के ऑफिसरों ने यह भी कहा कि राहुल गांधी ने 24 दिसंबर 2024 को महाराष्ट्र मामले का जिक्र किया था. सूत्रों के अनुसार, चुनाव आयोग के ऑफिसरों ने कहा, “अखिल भारतीय कांग्रेस पार्टी कमेटी के एक वकील ने हमें पत्र लिखा था, और हमने 24 दिसंबर, 2024 को एक विस्तृत उत्तर जारी किया. वह उत्तर हमारी वेबसाइट पर सार्वजनिक रूप से मौजूद है. फिर भी, राहुल गांधी का दावा है कि हमने कभी उत्तर नहीं दिया. गुरुवार को भी उन्होंने यही इल्जाम दोहराया.”
चुनाव आयोग के सूत्रों ने आगे कहा कि गुरुवार (7 अगस्त) को कर्नाटक गवर्नमेंट ने जाति सर्वेक्षण के लिए मतदाता सूची को आधार बनाने का निर्णय किया. विडंबना यह है कि उसी दिन राहुल गांधी ने मतदाता सूची की विश्वसनीयता पर तीखा धावा बोला. सूत्रों ने ऑफिसरों के हवाले से कहा, “कांग्रेस के नेतृत्व वाली कर्नाटक गवर्नमेंट ने अपनी सबसे जरूरी नीति (जाति जनगणना) को मतदाता सूची के आधार पर बनाकर उसकी प्रामाणिकता की गारंटी दी, वहीं दूसरी ओर राहुल गांधी ने उनकी ईमानदारी पर प्रश्न उठाया.”
इससे पहले, राहुल गांधी ने गुरुवार को दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनावी फर्जीवाड़ा के गंभीर इल्जाम लगाए. उन्होंने बेंगलुरु के महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र का उदाहरण दिया था. शुक्रवार को कांग्रेस पार्टी नेता ने बेंगलुरु में विशाल विरोध प्रदर्शन भी किया, जहां उन्होंने मतदाताओं से जुड़े 10 वर्ष के आंकड़े और वीडियो की मांग करते हुए अपने इल्जाम दोहराए.

