राष्ट्रीय

एक गवर्नमेंट कांट्रेक्टर ने सीपीडब्यूडी के एक जूनियर इंजीनियर पर लगाए गंभीर आरोप

चंडीगढ़ . एक सरकार कांट्रेक्टर ने सीपीडब्यूडी के एक जूनियर इंजीनियर पर गंभीर इल्जाम लगाए हैं. सरकार कांट्रेक्टर ने इस संबंध में एक कम्पलेन पंजाब के गवर्नर और चंडीगढ़ के प्रशासक , एसएसपी और चीफ इंजीनियर को सौंपी है. जिसमें जेई पर इल्जाम लगाया गया है कि जब कांट्रेक्टर के बेटों ने जेई के मोहाली स्थित नए घर में किए गए काम की बकाया राशि माँगी तो जेई ने कांट्रेक्टर का लाइसेंस रद करवाने की धमकी दी. इसके साथ ही यह भी बोला कि उनका बिल होल्ड करवा दिया जाएगा. इस मुद्दे में सरकार कांट्रेक्टर और उनके बेटों ने जेई की संपत्ति की जाँच करवाने और उससे बकाया रक़म दिलवाने की माँग की है.

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शिव एंड संस कंस्ट्रक्शन के शिव चंद्र सिंह ने जूनियर इंजीनियर रितेश
कुमार पर इल्जाम लगाया कि उनके बेटों ने जेई की जीरकपुर में बनाई गई एक क़ीमती प्रापर्टी का काम किया. बेटों द्वारा मकान का पूरा काम करने के बाद कांट्रेक्ट की बकाया की जेई से माँगी तो जेई ने उनको बकाया रक़म देने से इंकार कर दिया. इसके साथ ही उनके बकाया बिल भी होल्ड कर दिए.

शिवचंद्र ने बोला कि वह साल 2012 से सीपीडब्यूडी में सरकारी ठेकेदार हैं. उनके काम के लिए गवर्नर साहब ने उनको सर्टिफिकेट भी दिए हैं. इसी वजह से गवर्नर से उनको इन्साफ की आशा है.

कांट्रेक्टर शिव चंद्र ने जेई रितेश पर इल्जाम लगाया है साल २०२२ में जेई
रितेश ने उनसे अपने मोहाली स्थित घर के काम को करने के लिए कहा. उन्होंने विभागीय मुद्दा होने के कारण ख़ुद काम करने से इंकार कर दिया. ऐसी स्थित में रितेश द्वारा बार बार कहने पर उन्होंने अपने बेटों से उनको मिलवा दिया.

जिसके बाद बेटों ने पाँच जनवरी २०२२ को जेई से एक अनुबंध किया और उसके मुताबिक काम करना प्रारम्भ कर दिया. बेटों ने अपनी टीम के माध्यम से काम समय रहते पूरा कर दिया. काम पूरा होने के बाद जेई से जब बकाया की रक़म माँगी गई तो जेई ने अनाकानी करना प्रारम्भ कर दिया गया. वह केवल बकाया राशि देने से ही इंकार नहीं कर रहा था बल्कि अपनी पोज़ीशन का हवाला देकर लगा तार दबाव भी बना रहा था.

जब यह बात उनके बेटों का मालूम पड़ी तो इस मुद्दे में जेई की कम्पलेन मोहाली के एसएसपी से की. मोहाली के एसएसपी द्वारा अब तक कम्पलेन पर कोई सुनवाई नहीं की गई. उन्होंने कहा कि इसके बाद जेई अपने साथियों के योगदान से भिन्न भिन्न माध्यमों से उनको प्रताड़ित करता रहा. उन्होंने इल्जाम लगाया कि क़रीब एक वर्ष के बिल अब तक क्लीयर नहीं किए गए. जिसकी वजह से वह कठिनाई से जूझने लगे.

इस मुद्दे में ठेकेदार के बेटे अमित कुमार ने बोला कि जेई के साथ उनका एग्रीमेंट 2169179.84 रुपये का हुआ था. जिसमें से अब तक 1599900 रुपये ही दिए गए हैं. जेई द्वारा उनके साथ किए गए एग्रीमेंट के मुताबिक जब उनको पैसे नहीं दिए गए तो उन्होंने इस मुद्दे की कम्पलेन मोहाली के एसएसपी को दी. जिसमें लिखा है कि सीपी डिवीजन 4 में कार्यरत जेई रितेश कुमार द्वारा उनको एग्रीमेंट की बकाया राशि माँगे जाने पर धमकाया जा रहा है कि यदि अतिरिक्त कार्य के पैसे माँगे तो वह उनके पिता शिव चंद्र सिंह का लाइसेंस कैंसल करवा देंगे. इतना ही नहीं, जब उनके कर्मचारी उनके मोहाली स्थित घर में अपना सामान वापस लेने गए तो धमकी दी कि कोई सामान नहीं मिलेगा और यदि दोबारा आए तो अंदर करवा दूँगा. इतना ही नहीं, जब इस मुद्दे से संबंधित बिल उनको व्हाट्सएप पर दिया गया तो जेई ने धमकी दी कि उनको कंज्यूमर कोर्ट
में घसीट लेगा.

 

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