एक पुलिसकर्मी शराब के नशे में धार्मिक स्थल पहुंचकर किया हंगामा
नर्मदापुरम जिले में गैरकानूनी शराब की बिक्री और खुले में शराब पीने की बढ़ती घटनाएं लोगों के लिए कठिनाई का कारण बनी हुई हैं. रविवार रात एक पुलिसकर्मी शराब के नशे में धार्मिक स्थल पहुंचा और जमकर हंगामा किया.
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यह घटना रात करीब 10:45 बजे की है, दरबार के सेवकों ने कहा कि पुलिस लाइन में पदस्थ आरक्षक रूपेश नरवरे बिना वर्दी नशे की हालत में टी-शर्ट और चड्ढा पहनकर हैप्पी मैरिज गार्डन स्थित दादाजी धूनीवाले दरबार पहुंचा.
यहां उसने पहले भोजन कक्ष में जाकर थाली ली और फिर खाना अधूरा छोड़कर फेंकने लगा. सेवकों ने टोका तो पुलिसकर्मी ने वर्दी की धौंस दिखाकर उन्हें मुकदमा में फंसाने और कारावास भेजने की धमकी दे दी.
सेवकों ने किया विरोध, पुलिस को दी सूचना
पुलिसकर्मी के बर्ताव से परेशान होकर दरबार के सेवकों ने उसे पकड़कर गार्डन के हाल में बैठाया और तुरन्त एसडीओपी जितेंद्र पाठक और कोतवाली टीआई कंचन सिंह ठाकुर को सूचना दी. रात 11 बजे टीआई ठाकुर मौके पर पहुंचीं और आरक्षक को पुलिस स्टेशन ले जाकर उसका मेडिकल कराया गया.
सेवकों का आराेप है कि आरोपी के मुंह से शराब की गंध आ रही थी. उन्होंने कहा कि यह पुलिसकर्मी शुक्रवार और शनिवार को भी वर्दी में नशे की हालत में दरबार पहुंचा था और उसे चेतावनी दी गई थी कि वह भविष्य में ऐसा न करे. इसके बावजूद वह रविवार को फिर नशे में पहुंचा और हंगामा मचाया.
कोतवाली टीआई कंचन सिंह ठाकुर ने आरक्षक को हिरासत में लेकर पुलिस स्टेशन पहुंचाया. उन्होंने आरक्षक का मेडिकल कराकर वैधानिक कार्रवाई करने की बात कही.
दरबार में भंडारे में पहुंचते हैं नशेड़ी
सेवादारों ने कहा कि हैप्पी मैरिज गार्डन में दादाजी धूनीवाले का दरबार दो महीनों से चल रहा है, जहां रोजाना हवन, पूजन और दोनों समय नि:शुल्क भंडारा होता है. रात के समय कई नशेड़ी आसपास से आकर यहां खाना खाने पहुंचते हैं. नशे में होने पर दरबार के सेवक उन्हें रोकते या भगा देते हैं.
नशे से दूरी का अभियान भी चला चुकी है पुलिस
मध्यप्रदेश पुलिस ने 15 से 31 जुलाई तक नशे के विरुद्ध जनजागरूकता अभियान चलाया था, जिसमें नशे से बचने और उसके हानि को लेकर लोगों को सतर्क किया गया. लेकिन स्वयं एक पुलिसकर्मी द्वारा धार्मिक स्थल में नशे की हालत में जाकर विद्रोह करना इस अभियान की साख पर प्रश्न खड़े करता है.

