अब्बास अंसारी को दो मामलों में सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत
पूर्वांचल के माफिया डॉन रहे मुख्तार अंसारी के विधायक बेटे अब्बास अंसारी को मनी लॉन्ड्रिंग के मुद्दे में उच्चतम न्यायालय से जमानत मिल गई है. चित्रकूट कारावास में गैरकानूनी मोबाइल रखने के मुद्दे मे भी उच्चतम न्यायालय ने अब्बास अंसारी को जमानत दी है. अब्बास अंसारी को दो मामलों में उच्चतम न्यायालय से जमानत मिली है. न्यायालय ने बोला कि अब्बास अंसारी जांच में योगदान करें.
अभी कारावास में ही रहेगा अब्बास अंसारी
गैंगस्टर मुद्दे में जमानत के लिए उच्चतम न्यायालय ने उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल करने को बोला है. गैंगस्टर मुद्दे में जमानत नहीं मिलने की वजह से अब्बास अंसारी फिलहाल अभी कारावास में ही रहेगा. गैंगस्टर मुद्दे में अब्बास के वकील कपिल सिब्बल ने अंतरित जमानत की मांग की है.
इलाहाबाद उच्च न्यायालय चार सप्ताह में पूरी करे सुनवाई-SC
सुप्रीम न्यायालय ने गैंगस्टर मुद्दे में अंतरिम जमानत की मांग ठुकराई है. उच्चतम न्यायालय ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय को निर्देश दिया कि वो गैंगस्टर मुद्दे में जमानत याचिका पर चार सप्ताह में सुनवाई पूरी करने का कोशिश करें. अब्बास के वकील कपिल सिब्बल ने बोला कि डेढ़ वर्ष से अधिक समय से कारावास में हैं.
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने जमानत याचिका कर दी थी खारिज
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने 9 मई को अब्बास अंसारी की जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जिसमें रिकॉर्ड में मौजूद सामग्री का हवाला दिया गया था. इसमें फ्लो चार्ट भी शामिल था, जो साफ रूप से दर्शाता था कि पैसे के लेनेदेन का साधन क्या था. यह कैसे अब्बास अंसारी के खातों तक पहुंचा था.
4 सितंबर को लगा था गैंगस्टर एक्ट
बता दें कि अब्बास अंसारी के विरुद्ध 4 सितंबर को गैंगस्टर एक्ट लगाया गया था. सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के विधायक अब्बास अंसारी के विरुद्ध प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग के मुद्दे में वर्ष 2002 में मुकदमा दर्ज किया था. यह उनके विरुद्ध पहले के तीन मामलों पर आधारित था.

