मैनपाट में अवैध कब्जे पर चला प्रशासन का बुलडोजर
छत्तीसगढ़ के शिमला कहे जाने वाले मैनपाट में प्रशासनिक अमले ने शासकीय नर्सरी की भूमि से गैरकानूनी कब्जा कब्जा हटाया. मैनपाट के कुनिया में 35 एकड़ भूमि पर 11 लोगों ने गैरकानूनी कब्जा कर रखा था

जानकारी के मुताबिक, मैनपाट भीतर ग्राम कुनिया के शासकीय नर्सरी की भूमि पर मैनपाट के संजय यादव, संतोष यादव, हीरालाल यादव, भोला यादव, होमी यादव, दुरबास यादव, बृजमोहन यादव, टानेश्वर यादव, लालमनी यादव, देवेंद्र यादव एवं रघुवर यादव ने कई सालों से कब्जा कर रखा था. 35 एकड़ शासकीय भूमि पर कब्जे की कम्पलेन पूर्व में कई बार जिला प्रशासन से की गई थी.
बुलडोजर चला हटाया गया कब्जा
बेजाकब्जाधारियों को प्रशासनिक अमले ने पूर्व में नोटिस जारी किया था. बुधवार को सीतापुर एसडीएम रवि राही के नेतृत्व में प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा एवं मौके पर कब्जा कर बनाए गए मकान, आहाता को जेसीबी से तोड़ दिया गया. प्रशासनिक अमले ने सभी के कब्जे को हटाते हुए नर्सरी को कब्जामुक्त कर दिया है.
जारी रहेगी कब्ज़ा हटाने की कार्रवाई
एसडीएम रवि राही ने कहा कि सरकारी जमीन पर कब्ज़ा हटाने की कार्रवाई प्रारम्भ की गई है. कलेक्टर सरगुजा द्वारा पूर्व में हुए गैरकानूनी कब्जे को हटाते हुए फर्जी पट्टे को खारिज कर जमीनों को शासकीय मद में दर्ज किया गया है. शासकीय भूमि पर गैरकानूनी कब्ज़ा के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई जारी रहेगी.
हजारों एकड़ भूमि पर गैरकानूनी कब्जा
मैनपाट में हजारों एकड़ भूमि पर गैरकानूनी कब्जा किया गया है. यहां लोगों ने प्रशासनिक अमले की मिलीभगत से फर्जी ढंग से वन अधिकार पट्टा भी बनवा लिया है. इसमें गौचर मद की भूमि भी शामिल है. फर्जी पट्टे के आधार पर केसीसी लोन भी ले रहे हैं एवं धान भी बेचा है.
सरगुजा जिला प्रशासन ने मैनपाट में 338 एकड़ भूमि को कब्जा मुक्त कराया है. नर्मदपुर में ही कई एकड़ गोचर भूमि का फर्जी ढंग से पट्टा बनाने की कम्पलेन जिला प्रशासन से की गई है.

