आखिर किस नाराजगी के चलते दिग्विजय सिंह ने किसी भी मंच पर बैठने से किया इनकार…
ग्वालियर: मध्य प्रदेश के ग्वालियर में कांग्रेस पार्टी की संविधान बचाव रैली के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह अपने ही कार्यकर्ताओं से नाराज हो गए. दरअसल रैली के दौरान आयोजित सभा में दिग्विजय सिंह के साथ राष्ट्रीय और प्रदेश के नेता मंच पर बैठे थे, लेकिन इसी मंच पर नेताओं के समर्थकों की भारी भीड़ भी जमा हो गई थी. इसे देख पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह नाराज हो गए. दिग्विजय सिंह ने अपने कार्यकर्ताओं से यह तक कह दिया कि वह किसी भी कार्यक्रम में मंच पर नहीं बैठेंगे. फिर कार्यकर्ताओं के बीच ही नीचे जाकर बैठ गए.

दिग्विजय सिंह ने बोला कि मैंने घोषणा कर दी कि मैं आगे से किसी मंच नहीं बैठूंगा, चाहे कांग्रेस पार्टी का मंच हो या किसी भी मंच पर नहीं बैठूंगा. मैं हमेशा नीचे ही बैठूंगा. जब मुझे बोलने के लिए बोला जाएगा तो मैं जाकर बोलूंगा.
पहलगाम हमले पर क्या कहे दिग्गी राजा
पहलगाम हमले पर दिग्विजय सिंह ने बोला कि इस कायराना हमले की जितनी निंदा की जाए वो कम है, लेकिन मिनी पहलगांव को स्विट्ज़रलैंड बोला जाता है. वहां सुरक्षा को कोई व्यवस्था नहीं थे. इसका कौन उत्तरदायी और जवाबदार कौन है? हम चाहते हैं कि जो भी उत्तरदायी है उसके विरुद्ध कार्रवाई होनी चाहिए. हम गवर्नमेंट के साथ हैं. आतंकवाद की लड़ाई हम सब लड़ेंगे. कश्मीर का मुस्लिम और राष्ट्र का मुस्लिम निकल कर सामने आए और कहे कि हम सब आतंकवाद के विरुद्ध है. अब यह जवाबदारी गवर्नमेंट की है कि जो वह करना चाहे करें.
पाक की धमकियों पर उन्होंने बोला कि ये पाक की गीदड़ भभकियां हैं. नदियों का प्रवाह प्राकृतिक प्रवाह होता है. इसको बिना बांध के रोकना संभव नहीं है. ये बड़ा प्रश्न है कि इतना पानी कैसे रोका जाएगा. हिंदुस्तान पाक के बीच जो जल समझौता हुआ था वह सोच विचार कर ही हुआ था. उसमें अब पानी रोकना ही है तो उसमें समय लगेगा और काफी पैसा भी लगेगा?
लक्ष्मण सिंह के बयान की निंदा की
दिग्विजय सिंह ने बोला कि लक्ष्मण सिंह ने जो बयान दिया उसकी निंदा करता हूं. शेख अब्दुल्ला, फारूक अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला हिंदुस्तान के प्रति समर्पित हैं. राहुल गांधी जो कुछ कहते हैं सोच समझकर कहते हैं. लक्ष्मण सिंह ने किस संदर्भ बोला मैं नहीं जानता, लेकिन जो कुछ छपा है, वह अगरउन्होंने बोला है तो उचित नहीं है.

