सफलता के बाद सबकी निगाहें भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन पर
चंद्रयान-3 और आदित्य एल1 की कामयाबी के बाद सबकी निगाहें भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) पर हैं। हाल ही में इसरो प्रमुख एस। सोमनाथ ने चीनी मीडिया समूह सीजीटीएन को एक इंटरव्यू दिया, जिसमें उन्होंने खुलासा किया कि हमारी अंतरिक्ष एजेंसी भविष्य के मिशनों के लिए विभिन्न संभावनाएं तलाश रही है।
इसमें एक अंतरिक्ष स्टेशन का निर्माण और लंबी अवधि की मानव अंतरिक्ष उड़ान शामिल है। सोमनाथ ने बोला कि चंद्र मिशन की कामयाबी के बाद हम सभी संभावनाओं पर विचार कर रहे हैं। हम देख रहे हैं कि अंतरिक्ष स्टेशन भारतीय अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था के लिए कैसे लाभ वाला हो सकता है।
हाल ही में चंद्रयान-3 मिशन ने अपना मिशन पूरा किया है। इसके अनुसार विक्रम लैंडर और प्रज्ञान रोवर को चंद्रमा की सतह पर उतारा गया। उन्होंने वहां से बहुत जरूरी डेटा इकट्ठा किया। जैसे ही चंद्रमा पर रात हुई, वह नींद की हालत में चला गया और फिर नहीं उठा। ऐसे में अब इस मिशन को समाप्त करना तय बताया जा रहा है।
इसरो प्रमुख ने बोला कि हमारी योजना निकट भविष्य में एक अंतरिक्ष स्टेशन का निर्माण प्रारम्भ करने और वहां रोबोटिक संचालन करने की है। हमारे पास अभी भी मानवयुक्त उड़ान क्षमता नहीं है, हालांकि हम इस पर तेजी से काम कर रहे हैं। गगनयान मिशन के अनुसार अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में भेजा जाएगा।
एक बार ऐसा होने पर हम अगले 20-25 सालों में एक अंतरिक्ष स्टेशन बनाने में सक्षम होंगे। सोमनाथ ने यह भी बोला कि इसरो लंबी अवधि की मानव अंतरिक्ष उड़ान पर विचार कर रहा है। अगर ऐसा हुआ तो हम अमेरिका, चीन और रूस के बाद चौथे सबसे सफल राष्ट्र बन जायेंगे।
आपको बता दें कि चंद्रयान-3 चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरने वाला पहला अंतरिक्ष यान है। ऐसे में इसरो की इस कामयाबी से चीन बौखला गया है। हाल ही में उनके वैज्ञानिकों ने दावा किया कि चंद्रयान-3 चंद्रमा पर नहीं उतरा।

