आंदोलन कर रहे किसानों ने MSP पर केंद्र सरकार के दिए प्रस्ताव को किया नामंजूर
नई दिल्ली: जहां एक तरफ बीते 8 दिनों से किसान दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन (Farmers Protest) कर रहे हैं। वहीँ किसानों के आंदोलन का केंद्रबिंदु फ़िलहाल शंभू बॉर्डर (Shambhu Border) बना हुआ है। यहीं पर सबसे अधिक किसान अभी उपस्थित हैं। वे अपनी मांगों पर अड़े हैं। किसानों और गवर्नमेंट के बीच अब तक 4 दौर की वार्ता हो चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकला है।

जानकारी दें कि आंदोलन कर रहे किसानों ने MSP पर केंद्र गवर्नमेंट के दिए प्रस्ताव को फिर नामंजूर कर दिया है। वहीँ अबकी किसानों ने ये भी साफ लिया है कि, अब आनें वाले बुधवार यानी 21 फरवरी को वो अपनी तय समय योजना के अनुसार दिल्ली कूच करेंगे। हालांकि बीते रविवार 18 फरवरी को गवर्नमेंट के साथ चौथे दौरे की वार्ता हुई थी। गवर्नमेंट के प्रस्ताव पर किसानों ने बोला कि गवर्नमेंट ने कमरे के भीतर वार्ता में 5 फसलों पर MSP की गारंटी की बात कही थी, लेकिन बाहर आकर 4 फसल कहा। हालांकि किसानों ने बोला कि आगे भी उनके साथ वार्ता का दरवाजा खुला है।
इधर किसानों की मांग के समर्थन में आज यानी 20 फरवरी मंगलवार को हरियाणा के जिंद में खापों की महापंचायत होनी है। ऐसे में अब महापंचायत में कोई बड़ा निर्णय हो सकता है।इधर पंजाब-हरियाणा बॉर्डर पर जमे किसानों ने बोला कि, वे आनें वाले 21 फरवरी को शांति के साथ वो दिल्ली कूच करेंगे। इस मामले में किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने बोला कि, हम गवर्नमेंट से अपील करते हैं कि या तो हमारे मुद्दों का निवारण किया जाए या अवरोधक हटाकर हमें शांतिपूर्वक विरोध-प्रदर्शन करने के लिए दिल्ली जाने की जरुरी अनुमति दे दी जाए।

