राष्ट्रीय
दिल्ली में आज वायु गुणवत्ता सूचकांक 385 दर्ज किया गया
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, मंगलवार को दिल्ली की वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में पहुंच गई, सुबह 8 बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 385 दर्ज किया गया. आनंद विहार, कालकाजी, नेहरू प्लेस और अक्षरधाम मंदिर जैसे इलाकों में कोहरे की मोटी परत देखी गई, जिससे शहर की वायु गुणवत्ता लगातार खराब होती गई.

WhatsApp Group
Join Now
गाजीपुर क्षेत्र में भी धुंध छाई रही, जिससे दृश्यता और भी खराब हो गई. सीपीसीबी ने शहर की हवा को ‘बहुत खराब’ श्रेणी में रखा है, जिससे निवासियों, खासकर सांस की रोग से पीड़ित लोगों के स्वास्थ्य पर संभावित असर की चेतावनी दी गई है. यदि मौसम की स्थिति प्रतिकूल रही तो प्रदूषण का स्तर ऊंचा रहने की आशा है.
कर्तव्य पथ पर आने वाले सैफ ने कहा, “इन महीनों में खासकर अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर में सभी को सांस लेने में परेशानी होती है. गवर्नमेंट प्रदूषण को रोकने के लिए ठीक कदम उठा रही है. दिल्ली में स्थिति ऐसी है कि यदि समय रहते ठीक कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में काफी कठिनाई हो सकती है.” इससे पहले सोमवार को वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने समग्र एक्यूआई के ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आने के बाद दिल्ली-एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (जीआरएपी-II) के कार्यान्वयन का आदेश दिया था.
सीपीसीबी के दैनिक एक्यूआई बुलेटिन के अनुसार, दिल्ली में दैनिक औसत एक्यूआई 310 दर्ज किया गया. पर्यावरण, वन और जलवायु बदलाव मंत्रालय की एक विज्ञप्ति के अनुसार, “आईएमडी/आईआईटीएम द्वारा मौजूद कराए गए मौसम/मौसम संबंधी स्थितियों और वायु गुणवत्ता के लिए गतिशील मॉडल और पूर्वानुमानों के अनुसार, प्रतिकूल मौसम संबंधी और जलवायु परिस्थितियों के कारण आने वाले दिनों में दिल्ली का दैनिक औसत एक्यूआई ‘बहुत खराब’ श्रेणी (एक्यूआई 301-400) में रहने की आसार है.“
सीएक्यूएम की उप-समिति ने फैसला लिया कि ‘बहुत खराब’ वायु गुणवत्ता के लिए जीआरएपी के चरण II के अनुसार सभी कार्रवाइयों को एनसीआर में संबंधित एजेंसियों द्वारा लागू किया जाना चाहिए. यह वायु गुणवत्ता को और अधिक खराब होने से रोकने के लिए है. जीआरएपी के दूसरे चरण के लागू होने के साथ ही, एनसीआर में 11 सूत्री कार्ययोजना लागू की जा रही है. इस योजना में पहचानी गई सड़कों पर यांत्रिक/वैक्यूम स्वीपिंग और पानी का छिड़काव, निर्माण और विध्वंस स्थलों पर गहन निरीक्षण और निर्दिष्ट स्थलों पर एकत्रित धूल का उचित निपटान शामिल है.
सीएक्यूएम ने नागरिकों से सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने, निजी वाहनों का कम से कम इस्तेमाल करने और अपने वाहनों में नियमित रूप से एयर फिल्टर बदलने का आग्रह किया है. नागरिकों को धूल पैदा करने वाली गतिविधियों और ठोस कचरे और बायोमास को खुले में जलाने से बचने की भी राय दी गई है. सीएक्यूएम के आंकड़ों के अनुसार, सोमवार को दिल्ली का एक्यूआई पूरे दिन 300 के आसपास रहा और शाम 4:00 बजे 310 दर्ज किया गया.