राष्ट्रीय
Pahalgam Terror Attack को लेकर BJP को घेरने से बाज नहीं आए अखिलेश
पहलगाम आतंकवादी हमले को लेकर राष्ट्र में गुस्सा है. वहीं, सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बीजेपी गवर्नमेंट पर जमकर धावा कहा है. उन्होंने एक्स पर लिखा कि बीजेपी ने जम्मू और कश्मीर के बहुत भयावह हादसे पर बचकाना विज्ञापन छापकर साबित कर दिया है कि भाजपाइयों की संवेदना उनके प्रति शून्य है, जिन्होंने अपना जीवन खोया है और जिनके परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. बीजेपी अब ये विज्ञापन हटवा भी देगी तो भी उसका ये पाप उसके कट्टर समर्थक तक माफ़ नहीं करेंगे. बीजेपी हमेशा आपदा में अपनी सत्ता और राजनीति के लिए अवसर ढूँढती है. बीजेपी अपनी सत्ता के सिवा किसी की सगी नहीं है. घोर निंदनीय!
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उन्होंने बोला कि जब जम्मू और कश्मीर में बीजेपी गवर्नमेंट ने सब कुछ अपने मन मुताबिक़ किया है तो वो इतने अधिक लोगों की असामयिक मृत्यु के लिए अपनी ज़िम्मेदारी से पल्ला नहीं झाड़ सकती. ये केंद्र की गवर्नमेंट की नाकामी है कि वो पहले से पता नहीं कर पायी कि राष्ट्र के शत्रु इतनी वीभत्स घटना को अंजाम देनेवाले हैं. ये कोई पहली बार नहीं हुआ है, बीजेपी गवर्नमेंट ने यदि पिछले हमलों से सबक लिया होता तो वो पहले से ही सचेत-सजग रहती और ऐसे हमलों को रोका जा सकता था, लोगों के जीवन को बचाया जा सकता था. संवेदनहीन भाजपाइयों से आग्रह है कि जिन परिवारों ने अपनों को खोया है, उनका दुख-दर्द समझकर कम-से-कम राष्ट्र की सुरक्षा को तो जुमला न बनाएं. ये असीम दुःख की घड़ी है, इसको भाजपाई दिखावटी बैठकों से और झूठी संवेदनाओं से झुठलाने का कुकृत्य न करें.
सपा नेता ने आगे लिखा कि भाजपाइयों और उनके संगी-साथियों के ख़िलाफ़ राष्ट्र भर के करोड़ों लोगों के मन में उठ रहा, ‘गहरे दुख, रोष और क्रोध से भरा’ ये आक्रोशित प्रश्न गलत नहीं है कि ‘अगर भाजपाई और उनके संगी-साथी राष्ट्र भर के पर्यटकों को जम्मू और कश्मीर के भ्रमण पर जाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं तो उनकी सुरक्षा के पर्याप्त व्यवस्था पहले से क्यों नहीं किये गये’? जहाँ धावा हुआ वो जगह कोई निर्जन जगह नहीं था बल्कि एक चर्चित पर्यटन स्थल था, तब ही तो वहाँ राष्ट्र के कई प्रदेशों के पर्यटक मौजूद थे. इतने मशहूर जगह पर सुरक्षा के लिए बैठकें पहले करनी थी, लोगों के जीवन गँवाने के बाद नहीं. ये बीजेपी गवर्नमेंट की रणनीतिक चूक भी है लेकिन इससे उन भाजपाइयों को क्या फ़र्क़ पड़ता है जो स्वयं तो सुरक्षा के कई घेरों में चलते हैं लेकिन देशवासियों को मृत्यु के मुँह में ढकेल देते हैं.
अखिलेश ने बोला कि यदि बीजेपी गवर्नमेंट ये बहाना करती है कि हमारे पास सुरक्षा बलों की कमी है, तो इसके लिए भी बीजेपी गवर्नमेंट ही ज़िम्मेदार है. सुरक्षा बलों की संख्या घटाकर, दोयम दर्जे के सुरक्षा उपकरणों, अस्त्र-शस्त्र और युद्ध वाहनों को ख़रीदकर तथा अग्निवीर जैसी योजनाएं लाकर बीजेपी राष्ट्र की सुरक्षा से जो समझौता कर रही है, वो क्षम्य नहीं है. इस घटना के प्रतिशोध का कोई भी दावा, अब जनता को बहका नहीं सकता क्योंकि कोई भी प्रतिक्रिया, मृतकों के जीवन को वापस नहीं ला सकती है. जिस परिवार ने जो खो दिया, सो खो दिया. सच तो ये है कि न तो राष्ट्र की आज़ादी में भाजपाई और उनके संगी-साथियों ने कोई सहयोग दिया न वो राष्ट्र की आज़ादी को बचाने में कोई सहयोग दे रहे हैं. लाख माफ़ी माँगने पर भी भाजपाइयों और उनके संगी-साथियों को न तो हमारे हिंदुस्तान राष्ट्र का इतिहास माफ़ करेगा, न भविष्य.