अमेरिका ने पन्नू की हत्या की साजिश को किया नाकाम,कहा…
अमेरिकी इन्साफ विभाग द्वारा बुधवार को एक भारतीय नागरिक पर गंभीर इल्जाम लगाए जाने के बाद कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो ने भी हिंदुस्तान को राय दी है। जस्टिन ट्रूडो ने बोला है कि हम आरंभ से अमेरिका द्वारा लगाए गए आरोपों के बारे में बात कर रहे हैं। हम पहले से ही कह रहे हैं कि हिंदुस्तान को ऐसे आरोपों को गंभीरता से लेने की आवश्यकता है।
दरअसल, अमेरिकी इन्साफ विभाग ने 52 वर्षीय भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता पर खालिस्तान आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू की मर्डर की षड्यंत्र रचने का इल्जाम लगाया है।
हालांकि अमेरिकी विभाग ने पन्नू का नाम नहीं लिया बल्कि पन्नू का ही जिक्र किया। पिछले सप्ताह ही एक ब्रिटिश अखबार ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि अमेरिका ने पन्नू की मर्डर की षड्यंत्र को असफल कर दिया है। साथ ही अमेरिका ने हिंदुस्तान से इस मुद्दे में कार्रवाई करने को कहा।
इससे पहले ट्रूडो ने हिंदुस्तान पर गंभीर इल्जाम लगाए थे
अमेरिका ने हिंदुस्तान पर यह इल्जाम ऐसे समय लगाया है जब कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो ने दो महीने पहले सितंबर में कनाडा की संसद में बोलते हुए इल्जाम लगाया था कि खालिस्तान आतंकी हरदीप निज्जर की मर्डर में हिंदुस्तान गवर्नमेंट का हाथ था। कनाडा के इल्जाम बेतुके और प्रेरित।
आरोपों को गंभीरता से लेने की जरूरत: ट्रूडो
कनाडा के प्रधान मंत्री जस्टिन ट्रूडो ने बुधवार को बोला कि संयुक्त राज्य अमेरिका ने यह भी इल्जाम लगाया है कि हिंदुस्तान गवर्नमेंट के एक अधिकारी ने अमेरिकी धरती पर एक खालिस्तान नेता को मारने की असफल षड्यंत्र रची। संयुक्त राज्य अमेरिका का यह इल्जाम कनाडा को ऐसे ही आरोपों को गंभीरता से लेने की याद दिलाता है।’
कनाडा के ओटावा में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रूडो ने आगे बोला कि अमेरिका से आ रही खबरें इस बात की ओर इशारा करती हैं कि हम प्रारम्भ से किस बारे में बात कर रहे हैं। भारत को इस मुद्दे को गंभीरता से लेने की आवश्यकता है।
अमेरिका ने क्या लगाया आरोप?
अमेरिकी इन्साफ विभाग ने बोला है कि 52 वर्षीय एक भारतीय नागरिक जो हिंदुस्तान गवर्नमेंट का कर्मचारी भी है। उसने उत्तरी हिंदुस्तान में एक अलग सिख देश की वकालत करने वाले न्यूयॉर्क शहर के एक निवासी की मर्डर की षड्यंत्र रची। विभाग ने पन्नू का नाम नहीं लिया है लेकिन उनका इशारा पन्नू की ओर है क्योंकि गुरवतपंत सिंह पन्नू अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में रहते हैं। विभाग के मुताबिक, यह नागरिक (निखिल गुप्ता) सुरक्षा प्रबंधन और खुफिया विभाग का प्रभारी था।
निखिल गुप्ता पर यह भी इल्जाम है कि उसने पन्नू की मर्डर के लिए एक लाख $ देने का वादा किया था। 9 जून 2023 को 15 हजार $ का अग्रिम भुगतान किया गया। लेकिन, जिस शख्स को इस काम के लिए रखा गया था वह एक अमेरिकी एजेंसी का खुफिया एजेंट था।
क्या है कनाडा का आरोप?
कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो ने सितंबर में कनाडा की संसद ‘हाउस ऑफ कॉमन्स’ में खालिस्तान आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की मर्डर में हिंदुस्तान की संलिप्तता के बारे में बात की थी। उन्होंने कहा, ‘कनाडाई सुरक्षा एजेंसियां भारत गवर्नमेंट और कनाडाई नागरिक हरदीप सिंह निज्जर की मर्डर के बीच संबंध के आरोपों की सक्रियता से जांच कर रही हैं। कनाडा की धरती पर एक कनाडाई नागरिक की मर्डर में किसी भी विदेशी गवर्नमेंट की मिलीभगत बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह हमारी संप्रभुता का उल्लंघन है। यह पूरी तरह से अस्वीकार्य है।

