मुल्लाका हत्याकांड के एक और आरोपी को एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स पुलिस ने किया अरेस्ट
जयपुर . एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स पुलिस मुख्यालय की टीम ने डीग जिले में 3 वर्ष पहले बहुचर्चित रहे देवी राम मुल्लाका हत्याकांड के एक और आरोपी शिवगणेश उर्फ कंजर गुर्जर पुत्र रामा उर्फ रामचरण निवासी मुल्लाका थाना कामां को पकड़ लिया है. इस पर एसपी डीग द्वारा 25 हजार रुपए का पुरस्कार घोषित है. आरोपी को अग्रिम कार्रवाई के लिए थाना कामां पुलिस को सौंप दिया गया है.

अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स एवं क्राइम दिनेश एमएन ने कहा कि उपमहानिरीक्षक पुलिस योगेश यादव के सुपरविजन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एजीटीएफ सिद्धांत शर्मा के नेतृत्व में इनामी, वांछित अपराधियों, गैंगस्टर इत्यादि के बारे में आसूचना के संकलन के लिए एएसआई शैलेंद्र कुमार शर्मा, हेड कांस्टेबल मदनलाल शर्मा, कांस्टेबल बृजेश कुमार शर्मा, कुलदीप सिंह और श्रवण कुमार की एक टीम भरतपुर रेंज की और रवाना की गई है.
एडीजी एमएन ने कहा कि टीम के सदस्य एएसआई शैलेंद्र कुमार शर्मा और कांस्टेबल बृजेश कुमार शर्मा को सूचना मिली कि हत्याकांड में शामिल 25 हजार का इनामी आरोपी शिव गणेश गुर्जर मध्य प्रदेश के इंदौर में फरारी काट रहा है. सूचना पर इंदौर पहुंच आसूचना को डवलप किया गया. इंदौर के संगम नगर स्थित खड़ा गणेश मंदिर में आरोपी के आने की सूचना मिलने पर टीम तुरंत मौके पर पहुंची. पुलिस टीम को देखते ही आरोपी भागने लगा जिसे घेरकर टीम में पकड़ लिया.
एमएन ने कहा कि घटना 11 जून, 2021 की है. सुबह गांव से खरीददारी करने कामां की और बाइक लेकर निकले देवी राम गुर्जर निवासी मुल्लाका पर पुरानी रंजिश के चलते गांव के ही रामावतार पुत्र रामप्रसाद पक्ष के 20-22 व्यक्तियों ने लोहे के सरियों और लाठियों से धावा कर दिया और मरा हुआ समझकर हवाई फायर करते हुए गांव आये. गांव में भी फायरिंग की, जिसमें तीन बच्चे और चार अन्य घायल हो गये. गंभीर घायल देवीलाल ने जयपुर लाते समय महुआ से पहले ही दम तोड़ दिया था.
मामले में कुल 21 आरोपी है, जिनमें से 8 आरोपियों को घटना के बाद ही थाना कामां पुलिस ने अरैस्ट कर लिया था और 13 आरोपी फरार हो गये. जिन पर 25-25 हजार का पुरस्कार घोषित किया गया. पिछले डेढ़ महीने में फरार आरोपियों में से 10 आरोपियों को एजीटीएफ और कामां पुलिस ने पकड़ लिया है, बाकी बचे तीन आरोपियों की तलाश की जा रही है.

