राजा हत्याकांड में एक और बेहद महत्वपूर्ण किरदार की हुई एंट्री
इंदौर। बहुचर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में अब एक सनसनीखेज मोड़ आ गया है। इस जघन्य वारदात में मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी और उसके पहले से पकड़े गए साथियों के अलावा, एक और बहुत जरूरी भूमिका की एंट्री हुई है। यह शख्स कोई और नहीं, बल्कि प्रॉपर्टी डीलर सोमिल जेम्स है, जिस पर मृतक राजा के उस बहुचर्चित सूटकेस, जिसे ट्रॉली बैग भी बोला जा रहा है, को जलाने का संगीन इल्जाम लगा है। यह वही सूटकेस था जिसके अंदर राजा की पिस्तौल, लगभग ₹5 लाख नकद और कुछ सोने के जेवर, जिसमें राजा की सोने की चेन भी शामिल थी, होने की जानकारी पुलिस को मिली थी।

इस चौंकाने वाले खुलासे के बाद शिलांग पुलिस ने अपनी जांच का दायरा और बढ़ा दिया है और अब वह लगातार इस मुद्दे से जुड़े हर पहलू पर छापेमारी और पूछताछ कर रही है। पुलिस ने निपानिया क्षेत्र के हरे कृष्णा विहार कॉलोनी के पास एक खाली प्लॉट से जला हुआ ट्रॉली बैग बरामद किया है, जिसने इस पूरे मुद्दे में एक नया मोड़ दिया है।
फोरेंसिक टीम की दस्तक: सबूतों की तलाश
घटनास्थल पर शिलांग पुलिस के साथ फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम भी उपस्थित है। FSL के जानकार सबूतों के उन अवशेषों को बारीकी से इकट्ठा करने में जुटे हैं, जो ट्रॉली बैग के साथ जलाए गए थे। यह मुद्दा अब सिर्फ़ मर्डर का नहीं रह गया है, बल्कि अहम सबूतों को नष्ट करने का भी बन गया है, जो कानूनी प्रक्रिया को और भी जटिल बना रहा है। राष्ट्र की सबसे चर्चित “हनीमून हत्या मिस्ट्री” में सबूतों के साथ इस तरह की छेड़छाड़ ने जांच एजेंसियों को भी हैरत में डाल दिया है और वे अब इस नए सिरे से जांच को आगे बढ़ा रहे हैं।
कौन है सोमिल जेम्स: शातिर क्रिमिनल का नया चेहरा
राजा रघुवंशी हत्याकांड के सबसे अहम सबूतों को प्रॉपर्टी डीलर सोमिल जेम्स ने बड़ी चालाकी से एक सुनसान क्षेत्र में ले जाकर जला दिया था। यह वही ट्रॉली बैग था जिसके अंदर रखे पिस्तौल, ₹5 लाख कैश, राजा की सोने की चेन और सोनम का मंगलसूत्र रखा हुआ था। यही सब बीते 5 दिनों से एसआईटी (SIT) की तलाश का केंद्र थे। शिलांग पुलिस पिछले पांच दिनों से इस मुद्दे के हर एक एंगल पर लगातार गहनता से जांच कर रही थी, लेकिन इस जरूरी बैग का कोई सुराग नहीं मिल पा रहा था।
सोनम रघुवंशी का रहस्य और बैग का गायब होना
इस पूरे मुद्दे के केंद्र में सोनम रघुवंशी थी, जिसका नाम आरंभ से ही इस हत्याकांड से जुड़ा हुआ था। पुलिस ने सबसे पहले कातिलों के घर से सोनम के “सेफ हाउस” तक के कनेक्शन को स्थापित किया। ऑटो ड्राइवर से हुई पूछताछ से यह पुष्टि हुई कि 31 मई के दिन विशाल उर्फ विक्की चौहान ने अपने घर से उस फ्लैट पर “मिस्ट्री बैग” भेजा था, जहां सोनम रुकी हुई थी। सबसे बड़ा प्रश्न पुलिस के सामने यह था कि जब सोनम सभी कातिलों के पकड़े जाने के बाद उस फ्लैट से यूपी के लिए भागी, तो उसके साथ वह बैग नहीं था। पुलिस को पूरा विश्वास था कि वह बैग उसी फ्लैट में उपस्थित होगा, लेकिन जब शिलांग पुलिस उस फ्लैट पर पहुंची तो उन्हें वहां कुछ भी नहीं मिला। तभी से शिलांग पुलिस के संदेह के दायरे में प्रॉपर्टी डीलर सोमिल जेम्स आ गया था, जिसकी किरदार पर पुलिस को पहले से ही शक था।
सीसीटीवी फुटेज ने खोला सोमिल का राज
शिलांग पुलिस ने अपनी जांच को आगे बढ़ाते हुए 31 मई से 10 जून तक के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इन फुटेज में सोमिल जेम्स को संदिग्ध रूप से एक कार से ट्रॉली बैग ले जाते हुए साफ-साफ देखा गया। सीसीटीवी फुटेज मिलने के बाद, पुलिस ने सोमिल से कठोरता से पूछताछ की, जिसके बाद उसने अंततः अपने गुनाहों को कबूल कर लिया। यह खुलासा हुआ कि सोमिल ने ही उस ट्रॉली बैग को निपानिया क्षेत्र के खाली प्लॉट में जला दिया था, जहाँ अब फोरेंसिक टीम सबूतों के अवशेष जुटा रही है।
पिस्तौल और नकदी का ठिकाना अभी भी रहस्य
हालांकि सोमिल ने ट्रॉली बैग जलाने की बात कबूल कर ली है, लेकिन पुलिस को संभावना है कि उसने केवल ट्रॉली बैग को नष्ट किया है। पिस्तौल, ₹5 लाख नगद और सोने के आभूषण को उसने कहीं और छुपा रखा है, जिसका पता लगाना अभी बाकी है। प्रॉपर्टी डीलर सोमिल जेम्स का यह कारनामा बताता है कि वह शातिर दिमाग है और उसने सबूतों को मिटाने की पूरी प्रयास की। फिलहाल, फोरेंसिक की टीम शिलांग पुलिस के साथ मिलकर इस जघन्य हत्याकांड के अहम सबूतों को इकट्ठा करने में जुटी है, ताकि राजा रघुवंशी को न्याय मिल सके और इस ‘हनीमून हत्या मिस्ट्री’ की पूरी सच्चाई सामने आ सके। यह देखना बाकी है कि पुलिस कब तक इन खोए हुए सबूतों को बरामद कर पाती है और सोमिल जेम्स के अन्य संभावित सहयोगियों का भंडाफोड़ कर पाती है।

